RAS अफसर भारत भूषण को सुप्रीम कोर्ट से झटका:SC ने हाईकोर्ट के

आदेश पर लगाई रोक; साढ़े तीन लाख की रिश्वत लेते हुए थे गिरफ्तार
रिश्वत लेते पकड़े गए थे
परिवादी की ओर से याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता आदित्य जैन ने बताया कि आरएएस अधिकारी भारत भूषण साल 2016 में शाहपुरा एसडीएम के पद पर तैनात थे। उन्होंने परिवादी संजय कुमावत से पच्चीस बीघा भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन करने के लिए 37 लाख रुपए की मांग की।
इसमें 25 लाख स्वयं के लिए और साढे बारह लाख रुपए सर्किल ऑफिसर के लिए दलाल के माध्यम से मांगे थे। जिसकी शिकायत परिवादी संजय कुमावत ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी थी।
3 अप्रैल 2016 को एसीबी ने भारत भूषण गोयल को साढे तीन लाख रुपए की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया था।
हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी एफआईआर
उन्होंने बताया कि मामले में अभियुक्त भारत भूषण ने रिट याचिका के माध्यम से साल 2016 में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी। जिस पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने 26 मई 2025 एफआईआर को रद्द कर दिया था।
परिवादी संजय कुमावत ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि प्रकरण में रिश्वत मांगने और रिश्वत की राशि बरामद होने के पूरे सबूत हैं। भ्रष्टाचार के गंभीर मामलो में एफआईआर रद्द करना सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णयों के विपरीत है। इससे समाज में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।


