ब्रेकिंग न्यूज़

कांग्रेस जिला अध्यक्ष के पति पर फायरिंग का केस*

– *हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आई पुलिस, शराब ठेका विवाद में नंदलाल के खिलाफ एफआईआर

ऐलनाबाद,23 दिसंबर( रमेश भार्गव )

शराब ठेका विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष बेनीवाल के पति नंदलाल के खिलाफ नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस ने फायरिंग के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि शराब का ठेका न मिलने की रंजिश में शिकायतकर्ता के घर के बाहर फायरिंग की गई। मामले में शिकायतकर्ता आकाश बैनीवाल भी कांग्रेस नेत्री के परिवार से ही जुड़ा हुआ है ।

शिकायतकर्ता आकाश के अनुसार उसने इस संबंध में पहले ही पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस मौके पर जांच के लिए आई थी और सीसीटीवी फुटेज की पैन ड्राइव भी ले गई, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर आकाश ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस से जवाब तलब किया। इसी दबाव के चलते अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

मामले के अनुसार पुलिस को दी शिकायत में गांव दड़बां कलां निवासी आकाश बैनीवाल ने बताया था कि उसके पिता उमेद सिंह ने चौपटा क्षेत्र के शराब ठेके लिए हैं और उन्होंने सभी सरकारी नियमों का पालन किया है। इससे पहले इसी क्षेत्र के शराब ठेके नंदलाल उर्फ कालू के पास थे। आरोप है कि ठेका हाथ से निकलने के बाद नंदलाल और उसके परिवार में रंजिश पैदा हो गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि नंदलाल अवैध शराब बिक्री में संलिप्त है, जिसकी शिकायत पहले भी पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत के अनुसार 22 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे नंदलाल ने शिकायतकर्ता के घर के सामने स्थित प्लॉट में लगे सीसीटीवी कैमरे पर 3 से 4 राउंड फायरिंग की, जिससे कैमरा टूटकर नीचे गिर गया। मौके से धातु के टुकड़े भी बरामद किए गए। आकाश का आरोप है कि फायरिंग के बाद आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि आज तो सीसीटीवी गिराया है, अगली बार तेरे बेटे की गर्दन गिराएंगे। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि आरोपी की राजनीतिक पहुंच है, जिससे उसके परिवार को जान-माल का खतरा बना हुआ है।

थाना प्रभारी राधेश्याम के अनुसार शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच शराब ठेका लेने को लेकर विवाद है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष बैनीवाल ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने पंचायत के माध्यम से गांव में कुछ अवैध कब्जे हटवाए थे, जिनमें शिकायतकर्ता पक्ष का भी कब्जा शामिल था। इसी रंजिश के चलते उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता पहले भी आरटीआई के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर चुका है।

Navratan Bharat

Related Articles

Back to top button