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सिरसा-ऐलनाबाद-रावतसर मार्ग को फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग तेज*

सांसद सैलजा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लिखा पत्र*

ऐलनाबाद, 23 दिसंबर( रमेश भार्गव )
सिरसा-ऐलनाबाद-रावतसर मार्ग को चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर भारतमाला परियोजना में शामिल करने की क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर ठोस पहल की है। सैलजा ने इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने का आग्रह किया है।
सांसद कुमारी सैलजा ने पत्र में उल्लेख किया कि यह मार्ग हरियाणा के सिरसा जिले को राजस्थान के रावतसर से जोड़ता है और दोनों राज्यों के आर्थिक, सामाजिक एवं व्यापारिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में यह सड़क दो राज्यों के बीच संपर्क का एक प्रमुख साधन है, जिसे उन्नत किए जाने की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही है। सिरसा से ऐलनाबाद होते हुए रावतसर तक का यह मार्ग केवल स्थानीय आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हरियाणा, राजस्थान तथा पश्चिम भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों विशेषकर गुजरात के साथ एक वैकल्पिक और सुगम संपर्क मार्ग की भूमिका भी निभा सकता है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा। कुमारी सैलजा के अनुसार, यदि इस मार्ग को चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित किया जाता है तो किसानों, व्यापारियों और आम जनता को सीधा लाभ पहुंचेगा। कृषि उत्पादों और औद्योगिक सामान के परिवहन में तेजी आएगी, परिवहन लागत में कमी होगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सांसद सैलजा ने यह भी कहा कि यह परियोजना भारतमाला कार्यक्रम के उद्देश्यों बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार और रोजगार सृजन को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी। क्षेत्र में उद्योगों के विकास और नए रोजगार अवसरों के सृजन की भी व्यापक संभावनाएं बनेंगी। यह क्षेत्र कपास, गेहूं, सरसों एवं अन्य कृषि उत्पादों के लिए जाना जाता है, परंतु उपयुक्त राष्ट्रीय राजमार्ग के अभाव में किसानों एवं व्यापारियों को भारी परिवहन लागत एवं समय की हानि उठानी पड़ती है। सिरसा-ऐलनाबाद-हनुमानगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से कृषि-लॉजिस्टिक्स, खाद्य-प्रसंस्करण, वेयरहाउसिंग तथा एमएसएमई गतिविधियों को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह मार्ग आपदा प्रबंधन, आपूर्ति-श्रृंखला तथा वैकल्पिक परिवहन मार्ग के रूप में भी उपयोगी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, यह भी अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित होने से हिसार क्षेत्र स्थित सैन्य छावनियों (लालगढ़ क्षेत्र) से पश्चिमी राजजीस्थान एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा (पाकिस्तान सीमा) तक की दूरी में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे रक्षा बलों की त्वरित आवाजाही, लॉजिस्टिक सप्लाई तथा आपातकालीन परिस्थितियों में रणनीतिक तैनाती अधिक प्रभावी रूप से संभव हो सकेगी। इस प्रकार यह मार्ग राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
कुमारी सैलजा ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि सिरसा-ऐलनाबाद-रावतसर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर भारतमाला परियोजना अथवा किसी अन्य उपयुक्त केंद्रीय योजना में शामिल किया जाए तथा इसके लिए आवश्यक सर्वेक्षण, डीपीआर और स्वीकृतियों की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण मांग को जल्द पूरा किया जा सके —

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