ऐलनाबाद,12 जनवरी( रमेश भार्गव) चौधरी देवीलाल विश्वविधालय,सिरसा में स्वामी विवेकानन्द जयंती के अवसर पर “राष्ट्रीय युवा दिवस” का कार्यक्रम सीडीएलयू के ऑडिटोरियम में मनाया गया । इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पंहुचे जिला एवं सत्र न्यायधीश पुनीश जिंदिया व वशिष्ठ अतिथि के रुप में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई । पुलिस अधीक्षक सिरसा दीपक सहारन ने कहा कि हर साल 12 जनवरी को पूरे भारत वर्ष में स्वामी विवेकानंद की जंयती को “राष्ट्रीय युवा दिवस” के रुप में मनाया जाता है । स्वामी विवेकानंद को विश्वास था कि अगर युवाओं में अनुशासन और आत्मबल होगा, तो निश्चित ही नए भारत का उदय होगा । पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आह्वान करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य है,किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं की सोच और उनकी कार्यक्षमता पर निर्भर करती है । पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा एक गंभीर चिंता का विषय है,इसलिए नशे को समाज से उखाड़ फेंकने में प्रत्येक व्यक्ति की अहम जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा आने वाली पीढ़ी के लिए नशा मुक्त और अपराध मुक्त वातावरण बनाने के लिए हम सब को संकल्पबद्ध होकर इस लड़ाई के खिलाफ एक जुट होकर लड़ना होगा तभी हम एक सभ्य और सशक्त समाज की कल्पना कर सकते है । नशा एक ऐसी बुराई है,जिसकी वजह से व्यक्ति अपना अनमोल जीवन समय से पहले ही बर्बाद कर लेता है,बल्कि नशा करने से व्यक्ति अपने शारीरिक व मानसिक संतुलन को नियंत्रित नहीं कर पाता, जिस कारण उसका सामाजिक एवं आर्थिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित होता है । उन्होंने कहा कि हेरोइन (चिट्टा) स्मैक,मेडिकल दवाईयों व सिरिंज का इस्तेमाल करने वाले युवा अनेक बिमारियों का शिकार हो जाते है,और नशीली दवाईयों के प्रयोग से शीघ्र ही मौत होने की संभावना बनी रहती है । पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने उपस्थित छात्र-छात्राओं व स्टाफ सदस्यों से कहा कि यदि मेरे संबोधन से प्रभावित होकर आप लोगों नशे से पीड़ित एक भी व्यक्ति की जान बचा लेते है तो हम अपने आप को भाग्यशाली समझेंगे ।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होकर अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है । नशा करने से उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती है,जिस कारण परिवार में कलह और असंतोष बढ़ता है। नशा अपराधों की जड़ हैं, जिससे समाज में अराजकता फैलती है। युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल गतिविधियों के माध्यम से अपने जीवन को स्वस्थ और सफल बनाना चाहिए । उन्होने कहा कि युवाओं को संकल्प लेना चाहिए कि न तो वे स्वयं नशा करेंगे और न ही अपने आस-पास नशा बिकने देंगे तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। एसपी दीपक सहारा ने कहा कि यदि किसी कारण वंश कोई युवा नशाग्रस्त हो गया है,और वह नशा छोड़ना चाहता है तो निसंकोच होकर पुलिस प्रशासन से मदद मांग सकता है । उन्होने कहा कि नशे से पीड़ित युवकों का स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इलाज करवा कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में फिर से शामिल करना ही पुलिस की पहली प्राथमिकता रहेगी । उन्होंने कहा कि सिरसा पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम से प्रभावित होकर अनेकों युवा नशा छोड़ने के लिए आगे आ चुके है ।“राष्ट्रीय युवा दिवस” पर युवाओं को “स्वदेशी संकल्प दौड़” के तहत हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया गया ।
पुलिस अधीक्षक ने सीडीएलयू के प्रोफेसर,लेक्चरर व अन्य स्टाफ सदस्यों व छात्र-छात्राओं से आह्वान किया है,कि नशा बेचने वालों की सूचना बिना किसी डर/भय के ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर 88140-56100 व 88140-11620 पर व्हाट्सएप या एसएमएस कॉल के माध्यम से पुलिस को दें ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके । उन्होने इस अवसर पर युनिवर्सिटी के स्टाफ सदस्यों व अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे अपने बच्चों की दैनिक गतिविधियों पर पूरी नजर रखें तथा उन्हें नशे से दूर रखकर शिक्षा,खेलकूद तथा अन्य सामाजिक हित के कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें । पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा तस्करों के विरुद्ध इसी तरह आपार जनसमर्थन मिलता रहा तो निश्चित रूप से हम सिरसा को नशा मुक्त बनाने में अहम योगदान देंगें,सिरसा को नशा मुक्त बनाना ही हमारी पहली प्राथमिकता है । स्वामी विवेकानंद युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत रहे हैं । उनका मानना था कि युवा शक्ति ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है । इस अवसर पर प्रशिक्षु आईपीएस शिवम व सीडीएलयू के प्रोफेसर,लेक्चरर व अन्य स्टाफ सदस्य व छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में मुख्य रुप से मौजूद रहे ।

