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पंजाबी समाचार पत्र ‘कलम’ के वरिष्ठ सह-संपादक गुरदेव सिंह सैनी का 70वां जन्मदिन सोमवार को जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया।
अलसुबह होलसेल सब्जी मंडी पहुंचे सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गोयल, किया सघन निरीक्षण
भाखड़ा, गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर में पानी की समस्या के समाधान को लेकर चीफ इंजीनियर से मिले जनप्रतिनिधि
महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर एक विशेष पहल
10 अगस्त के ‘जेल भरो आंदोलन’ को सफल बनाने की रणनीति तैयार, गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान
नोट दोगुने करने का झांसा देकर 30 हजार की ठगी करने वाला संदिग्ध राउंडअप, जंक्शन पुलिस की त्वरित कार्रवाई
नॉर्थ प्वाइंट स्कूल के विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
 बी. आदित्य, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ द्वारा जिले के होटल, धर्मशाला, सराय, लॉज एवं गेस्ट हाउस संचालकों की बैठक आयोजित, ई-Visitor Portal की अनिवार्यता एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों से कराया अवगत
डिंग में सरपंचों से बोले डीएसपी राजवीर सिंह, नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का दें साथ ।

भाजपा सरकार किसान, मजदूर के बाद अब मिडिल क्लॉस की भी बन गई है दुश्मन: चौधरी अभय सिंह चौटाला*

ऐलनाबाद, 16 जनवरी( रमेश भार्गव ) हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा ईडीसी (एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज) के रेट बढ़ाए जाने पर इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे पहले भाजपा सरकार ने सर्कल रेट में भी बढ़ोतरी की थी अब ईडीसी बढ़ने से प्रॉपर्टी के दाम बेतहाशा बढ़ जाएंगे। पहले ही इतनी महंगाई है कि ज्यादातर लोगों का घर चलाना मुश्किल है ईडीसी बढ़ने के बाद तो घर बनाने का सपना अब सपना ही रह जाएगा। अभय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश के 46 शहरों में ईडीसी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है जिसको हर साल बढ़ाया भी जाएगा। बढ़ी हुई फीस रिहायशी, इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और कंबाइन यूज वाले सभी प्रोजेक्ट पर लागू होगी। साथ ही रेट नियंत्रण के लिए एक सलाहकार भी नियुक्त करेंगे मतलब साफ है कि ईडीसी की आड़ में एक और आरएसएस के बंदे को भारी भरकम तनख्वाह, सरकारी मकान, सरकारी स्टाफ और सरकारी गाड़ी देकर एडजस्ट किया जाएगा। ईडीसी बढऩे के बाद अब तो हरियाणा की 90 फीसदी जनता यह सोचना ही छोड़ देगी कि हरियाणा में उनका भी कोई घर या दुकान होगी। ईडीसी वह फीस है, जो राज्य सरकार डेवलपर्स से प्रोजेक्ट क्षेत्र में सडक़ें, जल आपूर्ति, बिजली और सीवरेज नेटवर्क के नाम पर लेती है। बिल्डर इस अतिरिक्त लागत को ग्रहाकों पर डाल देते हैं। ईडीसी लेने के बाद भी शहरों और कस्बों के हालात बद से बदतर हैं जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं। सडक़ें टूटी पड़ी हैं, पीने के लिए साफ पानी नहीं है, बिजली के बिल 5 गुणा बढ़ा दिए हैं और सीवरेज के हालात खराब हैं। भाजपा सरकार किसान, मजदूर के बाद अब मिडल क्लॉस की भी दुश्मन बन गई है।

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