Flash Story
सुरक्षित एवं स्वस्थ खान-पान को लेकर विद्यार्थियों में बढ़ाई जागरूकता
निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की हो अक्षरश: पालना, राजनैतिक दलों का हो सहयोग : सुराणा
डीएवी के सितारों ने चमकाया नाम, नेटबॉल में चैंपियन तो तीरंदाजी-भारोत्तोलन में जीते पदक
औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण से बढ़ी बीमारियां, माकपा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
समाज कल्याण सप्ताह के तहत दिव्यांग बच्चों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह*
नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव : युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 454 केंद्रों पर हुआ बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन
हनुमानगढ़ टाउन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 70 लाख की हेरोइन के साथ एक तस्कर गिरफ्तार
लायंस क्लब रॉयल्स द्वारा तपोवन मनोविकास विद्यालय को तीन गीजर और राशन सामग्री भेंट

वाहनों की फिटनेस व्यवस्था के विरोध में उग्र हुआ आंदोलन

हनुमानगढ़। व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया जिला मुख्यालय पर बंद किए जाने के विरोध में परिवहन व्यवसायियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को तीसरे दिन ट्रक यूनियन, यातायात जन सेवा सलाहकार समिति, टैक्सी यूनियन, टेंपो यूनियन एवं बस एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में डीटीओ कार्यालय हनुमानगढ़ के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के परिवहन मंत्री का पुतला फूंककर अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ट्रक, बस, टैक्सी और टेंपो संचालक उपस्थित रहे। यातायात सलाहकार जन सेवा समिति अध्यक्ष मंगल सिल्लू ने कहा कि विभागीय आदेश के तहत अब व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस के लिए 350 किलोमीटर दूर एटीएस केंद्र जाना अनिवार्य कर दिया गया है, जो हनुमानगढ़ के वाहन मालिकों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि एक वाहन की फिटनेस करवाने में 20 से 30 हजार रुपये तक का खर्च आ रहा है। इसके अलावा रास्ते में पड़ने वाले सभी टोल प्लाजा पर शुल्क देना पड़ता है, ऑनलाइन चालान का खतरा रहता है तथा डीजल पर अतिरिक्त खर्च होता है।
ट्रक यूनियन प्रधान जुगल किशोर राठी व लीलाधर शर्मा ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर फिटनेस की सुविधा बंद कर परिवहन व्यवसायियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की भांति जिला मुख्यालय पर ही फिटनेस जांच की व्यवस्था बहाल की जाए। साथ ही वार्षिक कर निर्धारित अवधि में ही जमा कराने तथा ओवरलोड वाहनों एवं अनाधिकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग भी दोहराई गई।
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए परिवहन मंत्री के खिलाफ रोष व्यक्त किया गया और प्रतीकात्मक रूप से उनका पुतला दहन किया गया। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
परिवहन व्यवसायियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन आमजन और परिवहन व्यवस्था के हित में है। उन्होंने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की, अन्यथा चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही।

Back To Top