ऐलनाबाद, 16 फरवरी (रमेश भार्गव) एसपी दीपक सहारण के निर्दशानुसार आज बरनाला रोड़ स्थित पुलिस लाइन सिरसा में सर्वेश हेल्थ सिटी हॉस्पिटल हिसार की डॉक्टर दिव्या गोयल की एक टीम ने सिरसा पंहुचकर पुलिस जवानों को सड़क दुर्घटना या अचानक कार्डियक अरेस्ट (हार्ट फेल) की स्थिति में समय पर मरीज को प्राथमिक सहायता देकर किसी व्यक्ति की कीमती जान बचा सकती है । डॉक्टर दिव्या गोयल ने उपस्थित पुलिस जवानों को बताया कि ऐसी हदय गति रुकने या आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत और सही कदम उठाना बेहद आवश्यक होता है । कार्डियक अरेस्ट होने पर हृदय अचानक धड़कना बंद कर देता है,जिससे शरीर और मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह रुक जाता है। यदि तुरंत मरीज को सीपीआर शुरू किया जाए, तो मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। सबसे पहले मरीज की प्रतिक्रिया जांचें । उसके कंधे थपथपाकर पूछें, “क्या आप ठीक हैं” यदि कोई प्रतिक्रिया न मिले और सांस या धड़कन महसूस न हो,तो तुरंत एम्बुलेंस या स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें । इसके बाद मरीज को किसी सख्त और सपाट जगह पर पीठ के बल लिटाएं और उसके पास घुटनों के बल बैठ जाएं । सीपीआर देते समय अपने एक हाथ की हथेली को दूसरे हाथ से पकड़कर मरीज की छाती के ठीक बीच में रखें। कोहनियां सीधी रखते हुए छाती को कम से कम 2 इंच गहराई तक दबाएं । प्रति मिनट 100 से 120 बार की गति से जोरदार और तेज़ गति से छाती को दबातें रहें । हर दबाव के बाद छाती को पूरी तरह ऊपर आने दें । यदि आप प्रशिक्षित नहीं हैं, तो केवल अपने हाथों से छाती को लगातार तेजी से दबाने की प्रक्रिया को जारी रखें । यदि प्रशिक्षित हैं, तो 30 बार छाती दबाने के बाद 2 बार कृत्रिम सांस दें । यह प्रक्रिया तब तक जारी रखें जब तक मरीज में हलचल न हो जाए या मेडिकल सहायता मौके पर न पहुंच जाए । डॉक्टर ने बताया कि हार्ट अटैक या दुर्घटना की स्थिति में “गोल्डन मिनट्स” अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं । उन्होंने बताया कि समय पर दिया गया सीपीआर मस्तिष्क को ऑक्सीजन पहुंचाकर स्थायी क्षति से बचा सकता है। डॉ दिव्या गोलय ने बताया कि सीपीआर का बुनियादी प्रशिक्षण प्रत्येक व्यक्ति को होना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की हदय गति रुकने एवं आपात स्थिति में निडर होकर मदद करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि किसी किमती जान को बचाया जा सके । डॉ. दिव्या गोयल ने पुलिस जवानों को बताया कि आपकी ड्यूटी के दौरान यदि सड़क दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति का सामना करना पड़े तो तुरंत मरीज को प्राथमिक सहायता देकर जान बचाई जा सकती है । जागरूकता और तत्परता ही जीवन रक्षा की कुंजी है । इस अवसर पर प्रशिक्षु आईपीएस शिवम,डीएसपी राजेश कुमार,डॉक्टर नवल सर्वेश हस्पताल हिसार,जिला कल्याण निरीक्षक सीमा सोढ़ी एवं पुलिस के जवान मुख्य रुप से उपस्थित रहे ।

