Flash Story
सुरक्षित एवं स्वस्थ खान-पान को लेकर विद्यार्थियों में बढ़ाई जागरूकता
निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की हो अक्षरश: पालना, राजनैतिक दलों का हो सहयोग : सुराणा
डीएवी के सितारों ने चमकाया नाम, नेटबॉल में चैंपियन तो तीरंदाजी-भारोत्तोलन में जीते पदक
औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण से बढ़ी बीमारियां, माकपा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
समाज कल्याण सप्ताह के तहत दिव्यांग बच्चों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह*
नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव : युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 454 केंद्रों पर हुआ बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन
हनुमानगढ़ टाउन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 70 लाख की हेरोइन के साथ एक तस्कर गिरफ्तार
लायंस क्लब रॉयल्स द्वारा तपोवन मनोविकास विद्यालय को तीन गीजर और राशन सामग्री भेंट

जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान

हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी की विस्तृत बैठक मंगलवार को लाल चौक स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में राज्य सचिव मंडल सदस्य दुर्गा स्वामी तथा रामेश्वर वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में जिले भर से पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और संगठन की आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए दुर्गा स्वामी ने केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लगातार आम आदमी, युवा, किसान और मजदूर विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई नीतियों के माध्यम से जनहित की योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है, जिससे गरीब और मेहनतकश वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इन नीतियों के खिलाफ संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष तेज किया जाए।
दुर्गा स्वामी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सीधा असर देश के किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौते कृषि क्षेत्र को कमजोर करने वाले साबित हो सकते हैं और छोटे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण रोजगार योजनाओं को सीमित करने की कोशिश की जा रही है, जिससे ग्रामीण गरीबों को मिलने वाला रोजगार प्रभावित होगा।
रामेश्वर वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूरों के अधिकारों पर लगातार प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चार लेबर कोड लागू कर श्रमिकों के वर्षों से हासिल अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। उनके अनुसार, इससे श्रमिकों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की आवाज को दबाने की कोशिशों का जवाब एकजुट आंदोलन से दिया जाएगा।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनसंपर्क अभियान चलाने तथा विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा की गई। अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों को जागरूक करें तथा जनहित के मुद्दों पर व्यापक जनसंघर्ष के लिए तैयार रहें।

Back To Top