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धोलपालिया गाँव ने भरा भात कुल 2 लाख 81 हजार ऐलनाबाद क्षेत्र में बना चर्चा का विषय

ऐलनाबाद,8 मार्च (रमेश भार्गव) खंड के गाँव धौलपालिया ने एक मिसाल, प्रेरणा और भाईचारा का सबूत पेश किया.है । जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारो,एक राजस्थान क़ी बहन जिसके हिस्से में दुख ही दुख आए। गौरतलब है कि संतोष पुत्री विद्या देवी पत्नी स्वर्गीय श्री कालूराम जिसकी शादी गांव छाप वाली राजस्थान में कई सालपहले हुई थी, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में उसका इकलौता भाई जयचंद इस दुनिया से चला गया।पिता भी अब इस दुनिया में नहीं हैं।घर में बस एक बूढ़ी माँ श्रीमती विद्या देवी रहती है और गरीबी मैं अपना जीवन बसर कर रही है। समय बीता और अब संतोष पुत्री विद्या देवी पत्नी स्वर्गीय श्री कालूराम गांव छाप वाली राजस्थान की बेटी की शादी का समय आया, और रीती -रिवाज के अनुसार वह बहन भात नूतने अपने गांव आई।लेकिन शायद गाँव धौलपालिया की बेटी संतोष को भी अंदाज़ा नहीं था कि आज उसका मायका सिर्फ उसका घर नही बल्कि पूरा गांव बन जाएगा।गांव में बात उठी कि —“यह हमारी भी बहन है,इसका मायरा पूरा गांव भरेगा।”फिर क्या था…एक आवाज उठी और देखते ही देखते पूरा गांव जुड़ता चला गया और सहयोग किया। सूट-कपड़ों का अंबार लग गया…हर दिल में बस एक ही भावना थी,अपनी बहन का मान रखना है।आज गांव धौलपालिया से 50 से ज्यादा ग्रामीण और महिलाएं बहन का सांझा भात भरने गाँव छापावाली राजस्थान अपनी बहन के घर पहुँच गए।
यह सिर्फ एक रस्म नहीं है,यह इंसानियत,भाईचारे और समाज की असली ताकत का जीवंत उदाहरण है।जिस बहन का आज कोई भाई नहीं था…जब जरूरत पड़ी तो सैकड़ों भाई उसके साथ खड़े मिले।ऐसी मिसालें ही समाज को नई दिशा देती हैं और यह बताती हैं कि रिश्ते सिर्फ खून से नहीं… दिल से भी बनते हैं। और गांव राम होता है यह स्लोगन भी पूरा किया। वही गांव की बेटी संतोष के ससुराल में भी यह बात चर्चा का विषय बना और सभी गांव छापा वाली राजस्थान के ग्रामीणों ने धौलपालिया से भातवी के रूप में आए सभी ग्रामीणों का स्वागत और मान सम्मान किया और उनकी सोच की सराहना की। इस अवसर पर समस्त धोपालिया के ग्रामीण मौजूद रहे।

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