हनुमानगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसभा को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी ने सरकार पर महिलाओं के अपमान और जनता के धन की बर्बादी का आरोप लगाते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
प्रमुख आरोप और घटनाक्रम
महिलाओं का अपमान: दादरी ने आरोप लगाया कि सभा में पहुंची महिलाओं के काले रंग के दुपट्टे उतरवाए गए। उन्होंने इसे सम्मान देने के बजाय नारी शक्ति का सार्वजनिक अपमान करार दिया।
घोषणाओं का अभाव: स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि एक वर्ष बाद जिले को कोई बड़ी सौगात मिलेगी, लेकिन हनुमानगढ़ के लिए कोई नई घोषणा नहीं होने से निराशा हाथ लगी।
भीड़ जुटाने का प्रयास: दादरी के अनुसार, सभा में आम जनता ने रुचि नहीं दिखाई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सरकारी कर्मचारियों के भरोसे भीड़ जुटाई गई थी, जो मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान ही मैदान छोड़कर चले गए।
राजनीतिक विश्लेषण: ‘जनता के विरोध से डरी सरकार’
सुरेंद्र दादरी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निम्नलिखित बिंदु रखे:
संसाधनों की बर्बादी: इस दौरे को केवल सरकारी पैसे का दुरुपयोग बताया गया, जिससे जिले को कोई वास्तविक लाभ नहीं हुआ।
चुनावों में देरी: दादरी का दावा है कि सरकार जनता का मिजाज (Mood) भांप चुकी है। यही कारण है कि निकाय और पंचायत चुनावों को टाला जा रहा है क्योंकि भाजपा को हार का डर सता रहा है।
डर का माहौल: काले कपड़ों और दुपट्टों को हटवाना इस बात का प्रतीक है कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध से भयभीत है।
“हनुमानगढ़ की जनता को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन यह दौरा केवल कागजी और खर्चीला साबित हुआ। महिलाओं के साथ किया गया व्यवहार अक्षम्य है।” — सुरेंद्र दादरी, पूर्व जिलाध्यक्ष
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