Flash Story
अलसुबह होलसेल सब्जी मंडी पहुंचे सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गोयल, किया सघन निरीक्षण
भाखड़ा, गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर में पानी की समस्या के समाधान को लेकर चीफ इंजीनियर से मिले जनप्रतिनिधि
महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर एक विशेष पहल
10 अगस्त के ‘जेल भरो आंदोलन’ को सफल बनाने की रणनीति तैयार, गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान
नोट दोगुने करने का झांसा देकर 30 हजार की ठगी करने वाला संदिग्ध राउंडअप, जंक्शन पुलिस की त्वरित कार्रवाई
नॉर्थ प्वाइंट स्कूल के विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
 बी. आदित्य, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ द्वारा जिले के होटल, धर्मशाला, सराय, लॉज एवं गेस्ट हाउस संचालकों की बैठक आयोजित, ई-Visitor Portal की अनिवार्यता एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों से कराया अवगत
डिंग में सरपंचों से बोले डीएसपी राजवीर सिंह, नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का दें साथ ।
321 नशीली गोलियों के साथ युवक दबोचा, मामला दर्ज

इनेलो को बीजेपी की बी टीम कहने से पहले हुड्डा अपनों को संभाले: अभय सिंह चौटाला

ऐलनाबाद , 12 मार्च( रमेश भार्गव ) इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा की मंडियों के खरीद केंद्रों में मार्केट कमेटियों द्वारा लाइसेंस न देने के कारण किसानों को उनकी फसल बेचने में आ रही मुश्किलों के मुद्दे को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री से उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर मुलाकात की। साथ ही खरीद केंद्रों को तुरंत शुरू करने बारे ज्ञापन भी सौंपा।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद चौधरी अभय सिंह चौटाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे बुढ़ापा पेंशन वाला मुद्दा था वैसा ही एक किसानों की गेहूं की फसल बेचने के लिए खरीद केंद्रों का बड़ा मुद्दा है। सरकार ने एक आदेश जारी कर दूरदराज के इलाकों में बने खरीफ के गेहूं खरीद केंद्रों को बंद करने और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक देवीलाल ने इन खरीद केंद्रों की शुरुआत की थी। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने किसानों के हित में इन खरीद केंद्रों बढ़ावा दिया था। गेहूं परचेज सेंटर बंद होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। सरकार ने इस बार में स्थानीय गेहूं खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक को अनिवार्य कर दिया है जो संभव नहीं है। बायोमेट्रिक खरीद वहां पर हो सकती है जहां पर चारदीवारी हो।

9000 लाइसेंस धारक हैं जिससे एक लाइसेंस पर अलग अलग काम करने वाले 9 आदमियों को रोजगार मिलता है। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया है कि खरीद केंद्रों को बंद नहीं किया जाएगा और इस पर अधिकारियों से बात करेंगे। यह एक गंभीर मामला है और हम एक हफ्ते का इंतजार करेंगे। वरना इनेलो पार्टी एक हफ्ते बाद प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री को आदेश लेना नहीं है। मुख्यमंत्री को आदेश देना है। वह अधिकारियों को बुलाएं और आदेश वापस लेने के लिए कहें।

अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश में सरसों की खरीद को लेकर भी मुख्यमंत्री नायब सैनी से बात की। इनेलो पार्टी ने हरियाणा में 12 मार्च से सरसों की खरीद की मांग की है। हरियाणा में कई ऐसे जिले हैं जिनमें सरसों वक्त से पहले पक जाती है। भिवानी, महेंद्रगढ़ गुरुग्राम, पलवल और नूह में सरसों की फसल तैयार हो चुकी है। इस पर भी मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द फैसला लेने का आश्वासन दिया है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर अभय सिंह चौटाला ने नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तसल्ली करवा दूंगा। इंडियन नेशनल लोकदल को बीजेपी की बी टीम कहने से पहले हुड्डा अपनों को संभालें। हुड्डा अपनों को बेच देंगे और इल्जाम हमारे ऊपर लगाएंगे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्व कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया था। हुड्डा ने किरण चौधरी और कुलदीप बिश्नोई को राज्यसभा चुनाव से बिल्कुल ठीक पहले प्रताड़ित किया था जिसके चलते राज्यसभा चुनाव के नतीजे बदले थे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा को स्याही कांड भी याद रखना चाहिए। स्याही किसने बदली थी। इस पर भी जवाब दें। हुड्डा से बड़ा गद्दार कोई नहीं है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री और वकील भी हैं। फिर भी राज्यसभा चुनाव में अपने बैलट को खाली छोड़ कर आए थे। आज हरियाणा की जनता मानती है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ही बीजेपी की सरकार तीसरी बार बनवाई है।

हरियाणा के आगामी वित्त वर्ष के बजट में सतलुज अपना लिंक नहर निर्माण को लेकर 100 करोड़ रुपए राशि का प्रावधान नहीं करने पर अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस बार के बजट में नहर निर्माण को लेकर प्रावधान नहीं करने से साबित होता है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। नायब सैनी को हरियाणा के हितों से कोई मतलब नहीं है। वहीं पंजाब भाजपा के मेनिफेस्टो में भी एक बात कही गई है कि हरियाणा को पानी की एक बूंद भी नहीं देंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी पंजाब में जाकर बीजेपी के लिए वोट मांगते हैं। इसलिए कि अपने आकाओं को खुश किया जा सके। मुख्यमंत्री नायब सैनी का कार्यकाल पंजाब विधानसभा चुनाव तक ही है।

एलपीजी गैस की काला बाजारी रोकना सरकार की जिम्मेवारी है। सरकार अफवाहों पर रोक लगाकर लोगों को राहत दे वरना हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं।

Back To Top