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निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादयान इनेलो विधायकों के बारे में मीडिया में दिए गए अपने झूठे और भ्रामक बयान के लिए सार्वजनिक माफ़ी मांगे नहीं तो मानहानि का केस करेंगे दायर: आदित्य देवीलाल 

ऐलनाबाद , 19 मार्च( रमेश भार्गव ) इंडियन नेशनल लोकदल के डबवाली से विधायक अदित्य देवीलाल ने निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादयान द्वारा मीडिया में दिए गए बयान, जिसमें कादयान ने कहा की राज्यसभा चुनाव में आजाद उम्मीदवार सतीश नांदल के नामांकन में तीन निर्दलीय विधायकों के साथ इनेलो के दिनों विधायक भी शामिल थे और उनकी सहमति से नांदल ने पर्चा भरा था, पूरी तरह से बेबुनियाद, भ्रामक और झूठ का पुलिंदा है। विधायक देवेंद्र कादयान का ये बयान बेहद शर्मनाक है और उनके बयान में उनके समर्थित उम्मीदवार की हार की बौखलाहट साफ़ दिखाई दे रही है।

आदित्य देवीलाल ने कहा कि बीजेपी को राज्यसभा चुनाव में बीजेपी और तीन निर्दलीय विधायकों द्वारा समर्थित उम्मीदवार सतीश नांदल की हुई हार पच नहीं रही है। बीजेपी ने कांग्रेस के विधायक खरीदे फिर भी हार गए। इसी हार की झुंझलाहट में अब इनेलो को बदनाम करने के लिए देवेन्द्र कादयान जैसे पिट्ठू विधायक को आगे कर दिया है। बीजेपी का इतिहास रहा है की जोड़ तोड़ और ख़रीद फरोख्त करके चुनाव जीता जाए लेकिन अबकी बार इनेलो विधायकों द्वारा वोट डालने से दूरी बनाने के कारण अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। बस इसी जलन के कारण ऐसे घटिया बयान मीडिया में दिलवाए जा रहे हैं।

सबसे बड़ी बात मुख्यमंत्री पहले अपना घर संभालें क्यूंकि एक बीजेपी के विधायक ने भी अपना वोट जानबूझकर रद्द करवाया है जिसके कारण कांग्रेस का उम्मीदवार जीता है। मुख्यमंत्री पहले अपनी काली भेड़ का पता लगाये।

अदित्य देवीलाल ने कहा की मैं भगवान को हाजिर नजीर मान के शपथ के साथ कहता हूँ की ना तो हम दोनों इनेलो विधायक किसी नामांकन में शामिल थे और ना ही सतीश नांदल को खड़ा करने में इनेलो पार्टी की कोई भी भूमिका रही। आज का दौर ऐसा दौर है जहाँ कोई भी बात छुपी नहीं रह सकती। पूरी मीडिया ने दिखाया की सतीश नांदल के नामांकन के समय सिर्फ तीन निर्दलीय विधायक थे और जो विधायकों का सहमति पत्र नांदल ने दिया था उसमें तीन निर्दलीय विधायकों के अलावा सभी बीजेपी विधायकों के नाम थे। अदित्य देवीलाल ने विधायक देवेंद्र कादयान को आगाह करते हुए कहा कि या तो वो अपने इस झूठे बयान को वापिस ले और सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगे नहीं तो इनेलो पार्टी की छवि ख़राब करने की साजिश रचने के लिए विधायक देवेंद्र कादयान के ख़िलाफ़ मानहानि का केस दायर करेंगे।

अदित्य देवीलाल ने आगे कहा कि जनता किसी भी निर्दलीय विधायक को इसलिए चुन कर भेजती है क्यूंकि वो जनता न तो सरकार का विधायक बनाना चाहती है और न ही विपक्ष का। देवेंद्र कादयान ने निर्दलीय विधायक बनते ही सत्ता की मलाई चाटने के लिए गन्नौर हलका के लोगों के जनादेश का अपमान किया और बीजेपी सरकार के पास गिरवी रख दिया था। ऐसे जनता के धोखेबाज विधायक का कोई ईमान धर्म नहीं होता है। विधायक कादयान पूरी तरह से बीजेपी सरकार के कुकर्मों, भ्रष्टाचार और लूट का सहभागी है। मैं दावा करता हूँ की जिस तरह से विधायक देवेंद्र कादयान ने गन्नौर की जनता को धोखा दिया है वो भविष्य में दोबारा विधानसभा का मुँह भी नहीं देख पाएगा।

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