Flash Story
हरिद्वार में जुटा अग्रवाल समाज, सामाजिक और संगठनात्मक मजबूती पर हुआ मंथन
एफआईआर 462/2026 में पूर्व आईओ गुरदेव सिंह के निलंबन की मांग, एसपी को सौंपा ज्ञापन
मानसिक स्वास्थ्य माह के तहत महिला थाना परिसर में तनाव प्रबंधन सत्र आयोजित
साइबर अलर्ट: ऑनलाइन ‘वेडिंग कार्ड’ के नाम से होने वाली ठगी को लेकर राजस्थान पुलिस (R4C) की विशेष एडवाइजरी* 
सुरक्षित एवं स्वस्थ खान-पान को लेकर विद्यार्थियों में बढ़ाई जागरूकता
निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की हो अक्षरश: पालना, राजनैतिक दलों का हो सहयोग : सुराणा
डीएवी के सितारों ने चमकाया नाम, नेटबॉल में चैंपियन तो तीरंदाजी-भारोत्तोलन में जीते पदक
औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण से बढ़ी बीमारियां, माकपा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
समाज कल्याण सप्ताह के तहत दिव्यांग बच्चों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह*

सी.आर. डी.ए.वी. गर्ल्स कॉलेज में डिजिटल साक्षरता और मोबाइल एडिक्शन पर एन.एस.एस. शिविर आयोजित

ऐलनाबाद, 2 अप्रैल( रमेश भार्गव ) सी.आर. डी.ए.वी. कन्या महाविद्यालय, ऐलनाबाद में 30  मार्च 2026 को प्राचार्य डॉ. भूषण मोंगा के दिशा-निर्देशानुसार एन.एस.एस. (NSS) इकाई द्वारा एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य केंद्र ‘डिजिटल साक्षरता’ और ‘मोबाइल एडिक्शन’ (मोबाइल की लत) जैसे समसामयिक विषय रहे।
​वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
​कार्यक्रम के दौरान एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें एन.एस.एस. वॉलंटियर्स ने ‘मोबाइल एडिक्शन: आवश्यकता या अभिशाप’ विषय पर अपने प्रभावशाली विचार रखे। छात्राओं ने विस्तार से चर्चा की कि कैसे मोबाइल आज के युग में शिक्षा और सूचना के लिए अनिवार्य है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
डॉ. भूषण मोंगा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग प्रगति के लिए होना चाहिए न कि बंधक बनने के लिए। उन्होंने मोबाइल के संतुलित उपयोग पर जोर दिया। प्रबंधन समिति सदस्य डॉली मेहता ने भी छात्राओं का मार्गदर्शन किया और डिजिटल युग में जागरूक रहकर सुरक्षित तरीके से तकनीक अपनाने की प्रेरणा दी।
इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोग्राम ऑफिसर दीपिका रानी, असिस्टेंट प्रोफेसर दीपिका रानी, किरणदीप कौर और सिमरन कौर की देखरेख में संपन्न हुआ।इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने के साथ-साथ उन्हें मोबाइल के बढ़ते नशे के प्रति सचेत करना था। प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वयंसेविकाओं को प्रोत्साहित भी किया गया। इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर प्रभजोत कौर पूजा व सैफी व अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

Back To Top