
हनुमानगढ़। जिले के पल्लू थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या 0015/2025 के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। भारत की जनवादी नौजवान सभा के बैनर तले पीड़ित पक्ष ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की अपील की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित रामलाल पुत्र टिकूराम ने पुलिस थाना पल्लू में भंवरलाल पुत्र मदनलाल, नीलम उर्फ लीला पत्नी मदनलाल, एवं पूनम पुत्री मदनलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मुकदमे में पीड़ित पक्ष के बयान भी दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसके साले रामधन पुत्र मानाराम पर घातक हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों की मंशा उसे जान से मारने की थी, जिसका स्पष्ट प्रमाण मेडिकल रिपोर्ट और घटना के चश्मदीद गवाहों के बयान हैं। इसके बावजूद, जांच अधिकारी ने केवल भारतीय दंड संहिता की धारा 115(2), 126(2), और 3(5) तक ही जांच सीमित रखी है, जबकि मामला धारा 109 तक पहुंचता है।
पीड़ित का आरोप है कि जांच अधिकारी जानबूझकर आरोपियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से कमजोर धाराओं में चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है। पीड़ित पक्ष ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस प्रकरण में भारत की जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव वेद मक्कासर ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। डीवाईएफआई ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषियों पर कार्यवाही नही हुई तो आन्दोलन उग्र किया जायेगा। इस मौके पर भारत की जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव वेद मक्कासर, संयुक्त सचिव सुरेश जोड़किया, रामलाल, भरत व रामघन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित रामलाल पुत्र टिकूराम ने पुलिस थाना पल्लू में भंवरलाल पुत्र मदनलाल, नीलम उर्फ लीला पत्नी मदनलाल, एवं पूनम पुत्री मदनलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मुकदमे में पीड़ित पक्ष के बयान भी दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसके साले रामधन पुत्र मानाराम पर घातक हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों की मंशा उसे जान से मारने की थी, जिसका स्पष्ट प्रमाण मेडिकल रिपोर्ट और घटना के चश्मदीद गवाहों के बयान हैं। इसके बावजूद, जांच अधिकारी ने केवल भारतीय दंड संहिता की धारा 115(2), 126(2), और 3(5) तक ही जांच सीमित रखी है, जबकि मामला धारा 109 तक पहुंचता है।
पीड़ित का आरोप है कि जांच अधिकारी जानबूझकर आरोपियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से कमजोर धाराओं में चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है। पीड़ित पक्ष ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस प्रकरण में भारत की जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव वेद मक्कासर ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। डीवाईएफआई ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषियों पर कार्यवाही नही हुई तो आन्दोलन उग्र किया जायेगा। इस मौके पर भारत की जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव वेद मक्कासर, संयुक्त सचिव सुरेश जोड़किया, रामलाल, भरत व रामघन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
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