ऐलनाबाद , 14 अप्रैल( रमेश भार्गव ) : भारतीय संविधान के निर्माता,भारत रत्न, बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। इसलिए युवा पीढ़ी को उनकी विचारधारा को अपने जीवन में अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए। उक्त विचार ऐलनाबाद के वार्ड नंबर 7 के पार्षद सत्यनारायण पांडिया ने डा भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर प्रगट किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के बताए हुए शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित रहो के मूलमंत्र पर सभी को चलना चाहिए। बाबा साहेब ने दलितों,पिछड़ों, आदिवासियों, वंचितों को जगाने लिए अपनी पूरी ज़िन्दगी कुर्बान कर दी। पांडिया ने कहा कि आधुनिक भारत की दिशा तय करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक डॉ. अंबेडकर थे, जिनका जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनकी लगन और समाज में समानता लाने का उनका जुनून आज भी युवाओं को प्रेरित करता है। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने देश के लिए ऐसा संविधान बनाया जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय सुनिश्चित किया गया। इसलिए देश के युवाओं को नशे व चोरी आदि बुराइयों से दूर रहकर व पढ़ाई पर ध्यान देकर डॉ भीमराव अम्बेडकर के सपनों को पूरा करना चाहिए।

