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नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें, अभिभावक रहें सजग- अनिल चिन्दा

हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखूवाली (जयपुर रोड) के प्रांगण में यातायात कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों की जानकारी विभिन्न पोस्टरों और उदाहरणों के माध्यम से दी गई। विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने तथा सड़क पर सतर्कता बरतने के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया। विशेष रूप से नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों की जिद के आगे न झुकें और उन्हें कम उम्र में वाहन चलाने से रोकें।

यातायात थाना प्रभारी अनिल चिंदा ने छात्रों को संबोधित करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा दुपहिया वाहन चलाना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है या बुलेट मोटरसाइकिल से पटाखे जैसी आवाज निकालने का प्रयास करता है, तो केवल चालान ही नहीं बल्कि वाहन को जब्त (सीज) भी किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

कार्यशाला में राज्य सरकार की आयुष्मान जीवन रक्षक योजना एवं केंद्र सरकार की रहवीर योजना के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करना सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। किसी भी गंभीर घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा प्रोत्साहन भी दिया जाता है। इससे अधिक से अधिक लोग मदद के लिए आगे आएंगे और कई जानें बचाई जा सकेंगी।


इसके अलावा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि नशा न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कई दुर्घटनाओं और अपराधों का कारण भी बनता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और यदि कहीं नशे का अवैध व्यापार होता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें यातायात नियमों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिससे उनमें उत्साह का संचार हुआ।

अंत में सभी उपस्थितजन प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम ने सभी को यह संदेश दिया कि यातायात नियमों का पालन कर ही सुरक्षित जीवन संभव है।

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