ब्रेकिंग न्यूज़

मई दिवस पर केंद्र सरकार का मजदूरों को तोहफा सिलेंडर के दाम 3000 पार – सांसद अमराराम

- मई दिवस पर सीटू का प्रदर्शन, मजदूर अधिकारों की रक्षा को उठी बुलंद आवाज

हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीआईटीयू) के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष शुक्रवार को मजदूरों ने व्यापक स्तर पर प्रदर्शन करते हुए मई दिवस को मजदूर अधिकार दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान आयोजित सभा में श्रमिकों ने चार लेबर कोड रद्द करने, मजदूर आंदोलनों में पुलिस हस्तक्षेप रोकने, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण की मांग को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव वीजू कृष्णन् ने अपने विस्तृत भाषण में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होने कहा कि मई दिवस मजदूरों का दिन है और केन्द्र सरकार ने मजदूरों व गरीब दुकानदारों को बहुत बड़ा तौफा दिया है आज ही गरीब दुकानदारों के लिए सिलेण्डर के दाम लगभग एक हजार रूपये बढ़ा दिये है, जिससे आमजन की मजदूरी और महंगाई पर बड़ा बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मई दिवस मजदूरों के संघर्ष और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है, लेकिन आज उसी मजदूर वर्ग पर महंगाई और नीतिगत फैसलों के जरिए लगातार प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि यह वृद्धि न केवल असामान्य है बल्कि ऐतिहासिक स्तर की है। कृष्णन् ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा “ऐतिहासिक” फैसलों के लिए जाने जाते हैं और इस बार महंगाई को भी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा दिया गया है।
लोकसभा सांसद कामरेड अमराराम एवं माकपा राज्य सचिव किशन पारीक ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के चुनाव समाप्त होते ही केंद्र सरकार ने अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं और जनता पर महंगाई का बोझ तेजी से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी इसी रफ्तार से बढ़ सकते हैं, जिससे आम आदमी और गरीब वर्ग की कमर टूट जाएगी। कृष्णन् ने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मजदूर और निम्न वर्ग पर पड़ता है, जबकि सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने मजदूरों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि सरकार की नीतियां श्रमिक विरोधी हैं और लगातार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष करना होगा।
सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह ने कहा कि मजदूर वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीटू मजदूरों के हक के लिए हमेशा संघर्षरत रही है और आगे भी रहेगी।
जिला महासचिव शेर सिंह शाक्य ने आरोप लगाया कि मजदूर आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
मजदूर नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि देशभर में चल रहे मजदूर आंदोलन वर्षों से चले आ रहे शोषण, वेतन असमानता और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों के खिलाफ एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया हैं।
मजदूर नेता बहादुर सिंह चौहान, गुरप्रेम सिंह और सुल्तान खान ने भी कहा कि मजदूरों ने लंबे संघर्ष के बाद 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन का अधिकार हासिल किया था, लेकिन अब इन अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
बीएस पेन्टर ने अपने क्रांतिकारी गीतों से मजदूरों में उर्जा भरने का काम किया।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 21 नवंबर 2025 को लागू नई श्रम संहिताओं से मजदूरों के अधिकारों में कटौती हुई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इन कानूनों से पूंजीपतियों को लाभ मिल रहा है, जबकि मजदूर वर्ग प्रभावित हो रहा है।
सीआईटीयू ने स्पष्ट किया कि मजदूर आंदोलन अचानक नहीं हो रहे, बल्कि वेतन असमानता, ठेका प्रथा, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ लंबे समय से चल रहे असंतोष का परिणाम हैं। संगठन ने पुलिस दमन और मजदूर नेताओं की गिरफ्तारियों को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में गिरफ्तार श्रमिकों और ट्रेड यूनियन नेताओं की बिना शर्त रिहाई, झूठे मुकदमों की वापसी, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने, 8 घंटे कार्यदिवस लागू करने और ओवरटाइम का उचित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इसके अलावा ईएसआई, पीएफ जैसी सुविधाओं को सुनिश्चित करने, ठेका प्रथा समाप्त कर नियमितीकरण करने, कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन करने और आवश्यक वस्तुओं विशेषकर एलपीजी को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मजदूरों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।आज की सभा में कामरेड चन्द्र कला वर्मा,सर्व जीत कौर,संगिता देवी कामरेड गुरु प्रेम सिंह, कामरेड सुल्तान खान कामरेड रिछपाल सिंह राठौड़ कामरेड ओमप्रकाश कामरेड बसंत सिंह , जगदीश यादव, संदीप बसौड,शोपत राम कामरेड विनोद मावर कामरेड जगजीत सिंह कामरेड बग्गा सिंह ,शिव कुमार, रणजीत कुमार,गिल कामरेड प्रमोद साहनी, विनय कुमार,लाल सिंह,बुटा सिंह, संदीप कुमार, पप्पू सिंह,काला सिंह, गुरदेव सिंह, वली शेर, वारिस अली

Related Articles

Back to top button