जरूरतमंद छात्राओं को मिला शिक्षा-सहयोग, नीरज दादरी एवं बरखा दादरी ने बढ़ाया बालिकाओं का आत्मविश्वास
शिक्षा से सशक्तिकरण की ओर

भारत में जब भी सामाजिक परिवर्तन और समावेशी विकास की बात होती है, तो शिक्षा को उसका मूल आधार माना जाता है। विशेषकर बालिका शिक्षा—जो केवल एक परिवार या समुदाय को नहीं, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम है। इसी सोच को साकार करने की दिशा में हनुमानगढ़ में एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहाँ समाजसेवी भावना से प्रेरित होकर जरूरतमंद छात्राओं के लिए शिक्षा-सहयोग कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिनांक 16 मई 2025 को हनुमानगढ़ टाउन स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम नंबर एक में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसने न केवल छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी दिया
इस सेवा-कार्य की प्रेरणा समाजसेवी राजेश दादरी से मिली, जो लंबे समय से बालिका शिक्षा, बाल संरक्षण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी प्रेरणा से नीरज दादरी सुपुत्र सुरेंद्र दादरी, हनुमानगढ़ टाउन, एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बरखा दादरी ने इस आयोजन को साकार रूप दिया। इस अवसर पर जरूरतमंद छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म, स्कूल जूते एवं पाठ्य सामग्री वितरित की गई। यह सहयोग केवल भौतिक वस्तुओं का वितरण नहीं था, बल्कि छात्राओं के सपनों को मजबूती देने का एक प्रयास था। कार्यक्रम का आयोजन महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम नंबर एक, हनुमानगढ़ टाउन के प्रांगण में किया गया। यह विद्यालय क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है और अंग्रेजी माध्यम के कारण यहाँ पढ़ने वाली छात्राओं के लिए भविष्य के अवसर और अधिक विस्तृत हो जाते हैं।
विद्यालय परिसर में कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, गरिमा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय की निर्धारित यूनिफॉर्म
गुणवत्तापूर्ण स्कूल जूते
कॉपी-किताबें, पेन, पेंसिल एवं अन्य पाठ्य सामग्री
इन सामग्रियों का चयन इस सोच के साथ किया गया कि छात्राओं को विद्यालय जाने में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। कई जरूरतमंद परिवारों के लिए यह सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार धीगड़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ शाला स्टाफ के सदस्य सिमरनपाल कोर, लक्ष्य चौधरी, छिद्रदीप सिंह सहित अन्य शिक्षकगण भी मौजूद रहे। सभी शिक्षकों ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। विद्यालय परिवार ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण माना। संस्था प्रधान राजकुमार धीगड़ा ने अपने संबोधन में दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब समाज के जागरूक लोग आगे आकर शिक्षा के लिए सहयोग करते हैं, तो उसका प्रभाव केवल वर्तमान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। उन्होंने यह भी कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना ही सच्चा सामाजिक विकास है। यह पहली बार नहीं है जब राजेश दादरी ने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग किया हो। इससे पूर्व भी वे “बालिका बचाओ, बालिका पढ़ाओ, बालिका अपनाओ” अभियान के अंतर्गत अनेक सराहनीय कार्य कर चुके हैं।
जरूरतमंद बालिकाओं को गोद लेना,उनके नाम से डाकघर में बचत खाते खुलवाना,इन खातों में निश्चित (फिक्स) राशि जमा करवाना,बालिकाओं को जूते, स्कूल बैग, पाठ्य सामग्री एवं स्कूल ड्रेस उपलब्ध करवाना
इन प्रयासों से कई बालिकाओं का शैक्षिक भविष्य सुरक्षित हुआ है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि यदि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति थोड़ा-सा भी योगदान दे, तो शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता से कोई भी वंचित नहीं रहेगा।
बालिका शिक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। नीरज दादरी और बरखा दादरी द्वारा किया गया यह सहयोग इसी जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के चेहरों पर जो खुशी दिखाई दी, वह शब्दों में बयां करना कठिन था। कई छात्राओं ने कहा कि उन्हें स्कूल की यूनिफॉर्म और किताबें मिलने से अब पढ़ाई में मन लगेगा और वे नियमित रूप से विद्यालय आ सकेंगी। कुछ अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन ऐसे सहयोग से उन्हें नई उम्मी द मिलती है।

