हनुमानगढ़ टाउन। भारत विकास परिषद उत्तर प्रांत द्वारा नगर इकाई हनुमानगढ़ में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं प्रवास का आयोजन मर्फी रेस्टोरेंट, हनुमानगढ़ टाउन में शाखा अध्यक्ष श्री अनिल कौशिक की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। कार्यक्रम में परिषद के विभिन्न प्रकल्पों एवं सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत विकास परिषद राजस्थान उत्तर प्रांत की प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीप्ति बहल उपस्थित रहीं। उनके साथ प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री ओम बिजारणियां, प्रांतीय महिला संयोजिका श्रीमती छवि गुप्ता, प्रांतीय महासचिव डॉ. संजय जिंदल, प्रांतीय संगठन सचिव श्री राजेश कामरा, जिला समन्वयक कपिल कालड़ा, संरक्षक श्री सुशील जैन, वरिष्ठ सदस्य श्री छत्रसाल सिंह राघव, पूर्व अध्यक्ष श्री राजेंद्र स्वामी, वरिष्ठ सदस्य श्री जितेंद्र बठला जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, शाखा सचिव श्री अशोक सुथार, वित्त सचिव श्री गौरव उपनेजा एवं संयुक्त सचिव श्री श्याम सचदेवा सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन पूर्व अध्यक्ष श्री राजेंद्र स्वामी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने परिषद की स्थापना के उद्देश्यों एवं वर्तमान में संचालित विभिन्न सेवा कार्यों पर प्रकाश डालते हुए संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीप्ति बहल ने कहा कि भारत विकास परिषद “संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण” के पंचसूत्र को आत्मसात कर समाजहित में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि परिषद के प्रत्येक सदस्य को इन पांचों प्रकल्पों को अपने जीवन में उतारते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा का लाभ पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
डॉ. बहल ने भारत विकास परिषद नगर इकाई हनुमानगढ़ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि नगर इकाई लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ इकाई द्वारा सेवा, संस्कार एवं सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास अन्य इकाइयों के लिए भी प्रेरणादायी हैं। परिषद की गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।
कार्यशाला के दौरान शाखा सेवा संयोजक श्री पद्म सिंह राठौड़, संस्कार संयोजक डॉ. रजत पारीक, महिला सहभागिता संयोजिका श्रीमती सुमित्रा मांडण तथा पर्यावरण संयोजक श्री रोहित शर्मा से विभिन्न सेवा प्रकल्पों एवं आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि परिषद की टोली को मिलकर सेवा, संस्कार, संपर्क, महिला सहभागिता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसी गतिविधियों को समय-समय पर प्रभावी ढंग से संचालित करना चाहिए ताकि अधिक से अधिक प्रबुद्धजन एवं आमजन परिषद से जुड़ सकें और परिषद के विभिन्न आयामों का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।
कार्यक्रम में “विकास रत्न” एवं “विकास मित्र” बनाने पर भी विशेष बल दिया गया तथा संगठन विस्तार एवं सामाजिक सेवा गतिविधियों को गति देने के लिए सदस्यों को प्रेरित किया गया। इस अवसर पर श्री पद्म सिंह राठौड़, श्री श्याम सचदेवा, श्री रोहित शर्मा, श्री राधेश्याम नागपाल, श्री अरविंद छाबड़ा, श्री पवन सरावगी, श्री जगदीश मरेजा, श्री अंशु नागपाल सहित अन्य सदस्यों ने परिषद के सेवा कार्यों को और अधिक व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। और अंत में परिषद् अध्यक्ष श्री अनिल कौशिक ने धन्यवाद ज्ञापित किया
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

