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घुमंतू जाति उत्थान न्यास श्रीगंगानगर जिला द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

श्रीगंगानगर, 11 जुलाई घुमंतू जाति उत्थान न्यास, श्रीगंगानगर जिला द्वारा श्री नागेश्वर हॉल, जगदम्बा अंध विद्यालय परिसर में प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में घुमंतू, अर्ध-घुमंतू एवं डीएनटी समाज के शिक्षा क्षेत्र में दसवीं व बारहवीं कक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण सभी 101 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार के साथ – साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक-एक पौधा भी भेंट किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों से इन पौधों का संरक्षण कर उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस पहल के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मा. जिला संघचालक श्री अमरचंद जी बोरड़ ने की। मुख्य अतिथि श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार रहे तथा मुख्य वक्ता श्री महावीर प्रसाद जी, क्षेत्र घुमंतू कार्य संयोजक (राजस्थान क्षेत्र) ने समाज के उत्थान एवं शिक्षा के महत्व पर प्रेरणादायी उद्बबोधन दिया। कार्यक्रम में संत सान्निध्य परम पूज्य, पदम श्री स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज, संस्थापक एवं संचालक, जगदम्बा अंध विद्यालय, श्रीगंगानगर का प्राप्त हुआ।
घुमंतू जाति उत्थान जिला संयोजक रमेश धींगड़ा ने बताया कि न्यास द्वारा विभिन्न घूमंतू बस्तियों में संस्कार केन्द्र चल रहे हैं, वर्तमान में श्रीगंगानगर जिले में 9 संस्कार केन्द्र व एक छात्रावास चल रहा है।
मुख्य वक्ता श्री महावीर प्रसाद जी ने अपने संबोधन में गोविंद गुरु महाराज के जीवन एवं उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन के वातावरण में जन्मे गोविंद गुरु महाराज ने वागड़ क्षेत्र के आदिवासी एवं वंचित समाज में नई चेतना का संचार किया। उन्होंने समाज को भक्ति, संस्कार, संगठन और आत्मसम्मान का मार्ग दिखाया तथा 1903 में ‘संप सभा’ की स्थापना कर मेल-मिलाप, सामाजिक एकता एवं कुरीतियों के त्याग का संदेश दिया। मानगढ़ को सामाजिक जागरण का केंद्र बनाकर उन्होंने समाज में स्वाभिमान और स्वतंत्रता की भावना को सुदृढ़ किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है और युवाओं को अपने संस्कार एवं संस्कृति से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में बाबा रामदेव घुमंतू छात्रावास के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। न्यास द्वारा संचालित बाल संस्कार के बालक-बालिकाओं ने देशभक्ति गीत, कविताओं एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित जनसमूह की खूब सराहना प्राप्त की।
अंत में श्रीमान अमर चन्द जी बोरड़ माननीय जिला संघ चालक व न्यास पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए समाज में शिक्षा, संस्कार एवं संगठन की भावना को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
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