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विद्यालय प्रबंधन को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन

विद्यालय प्रबंधन को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन

-एसआरएस शिक्षण संस्था संघ की कार्यशाला में स्कूल लीडरशिप, मैनेजमेंट और फाइनेंस प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
हनुमानगढ़। एसआरएस शिक्षण संस्था संघ की ओर से विद्यालय प्रबंधन को अधिक प्रभावी, संगठित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से रविवार को एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन जंक्शन स्थित सेक्टर-12 के सामुदायिक भवन में किया गया। कार्यशाला में जिलेभर के निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों, प्राचार्यों और शिक्षण संस्थाओं से जुड़े सदस्यों ने भाग लेकर विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यशाला सेवानिवृत्ति उपनिदेशक मोहनलाल स्वामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा अध्यक्षता एसआरएस शिक्षण संस्था संघ के जिलाध्यक्ष सुरेशचन्द्र शर्मा ने की। बीकानेर से पधारे हुए गिरिराज खेरीवाल, लोकेश कुमार मोदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में पुणे से विशेष रूप से पहुंचे नुपूर पंडित तथा आगरा से आए शिक्षा विशेषज्ञ सागर जैन ने विद्यालयों में आधुनिक नेतृत्व, प्रभावी प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलते समय में केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यालयों का बेहतर प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और दूरदर्शी नेतृत्व भी उतना ही आवश्यक है।
स्कूल लीडरशिप एंड मैनेजमेंट विषय पर वक्ताओं ने बताया कि एक सफल विद्यालय का आधार उसकी नेतृत्व क्षमता होती है। उन्होंने विद्यालय संचालकों और प्राचार्यों से शिक्षकों की क्षमता विकसित करने, विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान देने तथा नई शिक्षा नीति के अनुरूप कार्य संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालयों में टीम वर्क, प्रभावी संवाद, समयबद्ध कार्यप्रणाली और सकारात्मक वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया।
असेसमेंट एवं फाइनेंस मैनेजमेंट विषय पर विशेषज्ञों ने विद्यालयों में वित्तीय प्रबंधन, बजट निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग, पारदर्शिता तथा दीर्घकालिक योजना बनाने के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मजबूत वित्तीय प्रबंधन से संस्थान न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनते हैं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी सक्षम होते हैं।
जिलाध्यक्ष सुरेशचन्द्र शर्मा ने कहा कि संघ समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करता रहा है, ताकि शिक्षण संस्थाएं बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालय प्रबंधन की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार लाते हैं।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और विद्यालय संचालन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में वर्कशॉप के निदेशक भारत भूषण कौशिक ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार अपनाने तथा विद्यार्थियों के हित में गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षण व्यवस्था विकसित करने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से निरंतर नवाचार बढ़ते हैं। मंच का सफल संचालन जिला महासचिव अशोक सुथार ने किया। कार्यक्रम में रावतसर तहसील अध्यक्ष कैलाश सिंवर, नोहर तहसील अध्यक्ष प्रदीप पुरोहित, पीलीबंगा तहसील अध्यक्ष भगीरथ सैन, टिब्बी तहसील अध्यक्ष नवनीत सिडाना, पल्लू तहसील अध्यक्ष ओम देग, शहरी तहसील अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह अक्कू, प्रताप सीवर, मनोज शर्मा, पवन शर्मा, राजेंद्र शर्मा, महावीर पंचारिया, राजेश दादरी, मलकीत सिंह सहित अन्य संस्था निदेशक मौजूद थे।

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