Flash Story
वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
एफआईआर 185/2026 में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, महिला थाना अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हनुमानगढ़ में पुलिस द्वारा मैराथन दौड़ का आयोजन
आंगन मिलन सेवा से सजा अपनत्व का आंगन, स्वास्थ्य और पोषण का दिया संदेश
लायंस क्लब रॉयल्स के शिविर में 27 यूनिट रक्त संग्रहित
बीकानेर संभाग टोली की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, संगठन विस्तार व नशा मुक्त समाज निर्माण पर मंथन
पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत NDPS एक्ट का वांछित आरोपी गिरफ्तार
वार्ड 10 में चोरी की घटनाओं से वार्डवासी परेशान, थाने पहुंचे वार्डवासी
बार संघ अध्यक्ष रोहित खींची को व्हाट्सऐप कॉल पर धमकी का आरोप

पक्कासारणा स्कूल विवाद ने पकड़ा तूल, ग्रामीणों ने सीडीईओ को सौंपा ज्ञापन

– महिला अध्यापिका का तबादला का विरोध व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन की दी चेतावनी
हनुमानगढ़।
 जिले की ग्राम पंचायत पक्कासारणा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने महिला अध्यापिका के तबादले पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि विद्यालय की महिला अध्यापिका पूनम द्वारा पहले ही विद्यालय के अध्यापक अमन निवाद के विरुद्ध शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उस शिकायत पर विभागीय जांच करने के बजाय महिला अध्यापिका का तबादला महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, मुंडा कर दिया गया। उनका कहना है कि इससे विद्यालय में तनाव की स्थिति बन गई है और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में दावा किया कि अध्यापिका पूनम का विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम एवं शिक्षण कार्य संतोषजनक रहा है। इसलिए उनका तबादला निरस्त कर उन्हें पूर्ववत विद्यालय में ही रखा जाए। साथ ही पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में अध्यापक अमन निवाद पर विद्यालय का माहौल खराब करने, प्रतिदिन विवाद करने तथा महिला अध्यापिका के साथ अभद्र एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अध्यापक राजनीतिक प्रभाव के कारण विद्यालय में दबाव का वातावरण बना रहा है, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और विद्यालय का अनुशासन भी प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि दोनों पक्षों की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध बिना निष्पक्ष जांच के एकतरफा कार्रवाई उचित नहीं है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो ग्रामवासी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा तथा विद्यालय पर ताला लगाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
इस ज्ञापन पर दीपक चौधरी, प्रदीप माली, महेंद्र खीचड़, माहीराम चालिया, रूघा जांडू, हेमंत माली, सत्यनारायण सहारण, पंकज पारीक, ओमकार ज्याणी, साहबराम ज्याणी, धीरज झाझड़ा, पवन खीचड़, पुनीत ज्याणी, विनोद खीचड़ सहित ग्राम पंचायत पक्कासारणा के अनेक ग्रामीणों मौजूद थे।

Back To Top