जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
हनुमानगढ़ से निंदा प्रस्ताव पारित, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और नीट परीक्षा की पारदर्शिता की मांग
विशेष संवाददाता | हनुमानगढ़
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा की पारदर्शिता और पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ देशभर में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में हनुमानगढ़ जिले में विभिन्न संगठनों द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राएं नीट परीक्षा को पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित कराने और पेपर लीक के मामलों में न्याय की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इसी मांग को लेकर छात्र-छात्राएं संसद भवन की ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा छात्र-छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई विद्यार्थी घायल हो गए।
”लोकतंत्र पर कुठाराघात”
ज्ञापन में संगठन ने इस घटना को लोकतंत्र के मूल्यों पर सीधा आघात बताया है। ज्ञापन में कहा गया कि अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे देश के भविष्य (छात्रों) पर इस प्रकार का बर्बर बल प्रयोग अत्यंत चिंतनीय और निंदनीय है।
प्रमुख मांगें:
दोषियों पर कार्रवाई: लाठीचार्ज में शामिल जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और उपद्रवी असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पारदर्शी परीक्षा: नीट अभ्यर्थियों की मांगों को सुनते हुए परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
छात्रों की सुरक्षा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

