– शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान के तहत संगरिया रोड पर खाद्य सुरक्षा विभाग गत दिवस की थी कार्रवाई, बीकानेर प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट
हनुमानगढ़। जिले में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार नमूनीकरण एवं निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में संगरिया रोड पर अंडरब्रिज से पहले संचालित गोलगप्पा रेहडिय़ों से लिए गए गोलगप्पे के पानी के दो नमूने जांच में अनसेफ पाए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि गत 15 जुलाई 2026 को संगरिया रोड पर अंडरब्रिज से पहले संचालित गोलगप्पा रेहडिय़ों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान ग्वालियर चाट भंडार, जिसका संचालन रामप्रकाश पुत्र रतीराम एवं प्रेम नमकीन पैलेस, जिसका संचालन लोकेश पुत्र रणवीर कश्यप द्वारा किया जा रहा था, से गोलगप्पे के पानी के नमूने लिए गए थे। दोनों नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भेजा गया था। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट 27 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई, जिसमें दोनों नमूने अनसेफ पाए गए। जांच में गोलगप्पे के पानी में हानिकारक सिंथेटिक कलर की मौजूदगी सामने आई है। डॉ. शर्मा ने बताया कि खाद्य पदार्थों में निर्धारित मानकों के विपरीत हानिकारक या अवांछित सिंथेटिक रंगों का उपयोग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभाग द्वारा दोनों मामलों में जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्यवाही में एफएसओ सुदेश कुमार एवं एफएसओ रफीक मोहम्मद उपस्थित रहे।
मिलावट के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले में ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नमूनीकरण, निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विशेष रूप से खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, रंगीन पेय पदार्थों, चाट-गोलगप्पे सहित अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है। आमजन से भी अपील की गई है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा मिलावट की आशंका होने पर संबंधित विभाग को सूचना दें।

