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जयपुर लाठीचार्ज प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग


– क्षत्रिय राजपूत समाज व सर्वण समाज ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के नाम सौंपा ज्ञापन


हनुमानगढ़। 
जयपुर में यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को श्री क्षत्रिय राजपूत समाज मंच एवं सर्वण समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने, मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने तथा आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की गई।
एडवोकेट धन्ने सिंह राठौड़ एवं एडवोकेट जोधा सिंह भाटी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर सर्वण समाज द्वारा लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा रहा था। ज्ञापन के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को जयपुर में जिला प्रशासन को पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम तय किया गया था। इसमें विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए थे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पूर्व सूचना के बावजूद पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों को विभिन्न स्थानों पर रोकने के लिए बैरिकेडिंग की तथा बाद में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछारें की गईं। ज्ञापन में दावा किया गया कि इस कार्रवाई में अनेक लोग घायल हुए तथा क्षत्रिय राजपूत समाज के सदस्य देवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी बाद में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए। ज्ञापन में घायल आंदोलनकारियों को समुचित मुआवजा एवं निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने तथा आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की गई। इसके अलावा यूजीसी रोल बैक की मांग पर केंद्र एवं राज्य सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए तथा भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने देने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो समाज आगे की रणनीति बनाकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।
इस अवसर पर धन्ने सिंह राठौड़, प्रदीप सिंह परमार, जोधा सिंह भाटी, रमेश शर्मा, महेश शर्मा, अल्ताफ मोहम्मद, अमनदीप सोनी, हेम सिंह नरूका, चंद्रप्रकाश शर्मा, संदीप सिंह अक्कू, हेमलता खींची, उदय सिंह भाटी, हनुमान सिंह भाटी, मानवी सिंह शेखावत, हर्षवर्धन सिंह राघव, पदम सिंह राठौड़, शक्ति सिंह शेखावत, अरविंद शर्मा, विजय शर्मा, वीरेंद्र गांधी, विनोद गोस्वामी, नरेन्द्र राठौर, प्रभात कौशिक, अनमोल नंदा सहित क्षत्रिय राजपूत समाज एवं सर्वण समाज के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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