स्मार्ट मीटरों के खिलाफ हनुमानगढ़ में माकपा का मसाल जुलूस
जनविरोधी स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने की माँग, आम सभा में उठी एकजुट विरोध की आवाज

नवरतन भारत पोस्टर हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा हनुमानगढ़ जंक्शन में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए एक भव्य मसाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस रेलवे अंडरब्रिज से शुरू होकर जंक्शन के मुख्य बाजारों से होते हुए निकला, जहां आम जनता का जबरदस्त समर्थन देखने को मिला। जुलूस के समापन पर मुख्य बाजार में एक आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने सरकार की इस नीति को जनविरोधी करार दिया।
सभा को संबोधित करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर डाका हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मीटर बड़ी-बड़ी निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए लगाए जा रहे हैं। जहां-जहां ये स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहाँ उपभोक्ताओं को सामान्य मीटरों की तुलना में अधिक बिजली बिल का सामना करना पड़ा है। साथ ही, छह माह के भीतर यह मीटर रिचार्ज सिस्टम में परिवर्तित हो जाते हैं, जिससे बिजली और भी महंगी हो जाती है और गरीब वर्ग इससे दूर होता जा रहा है।
प्रदर्शन के मुख्य नेतृत्वकर्ता कामरेड रघुवीर वर्मा एडवोकेट ने कहा कि राज्य सरकार और विद्युत विभाग जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “स्मार्ट” शब्द महज एक छलावा है, जबकि असल में यह ‘स्मार्ट लूट’ है। यह योजना आमजन की आर्थिक आज़ादी पर सीधा हमला है।
सभा में बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि आज हनुमानगढ़ जिले की आम जनता सड़कों पर उतर आई है और सरकार को यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि स्मार्ट मीटर जैसी जनविरोधी योजनाओं को अविलंब वापस लिया जाए। सभा में बसंत सिंह, सरपंच बलदेव मक्कासर, बीएस पेंटर, महेंद्र शर्मा, सुरेश जोडकिया, शिवकुमार प्रधान, सुल्तान खान, ऋषिपाल सिंह, तरसेम सिंह, मुकद्दर अली, हरजी वर्मा, श्रीचंद, गुरुप्रेम सिंह, भूपेंद्र लिम्बा, मोहित कुमार सहित कई गणमान्य जन मौजूद रहे। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर जनता की बात नहीं मानी, तो जिलेभर में व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।



