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भीलवाड़ा पुलिस ने सोपुरा क्षेत्र में बजरी माफिया के खिलाफ की बड़ी कार्यवाही

बनास बचाओ आंदोलन या अवैध दोहन का बहाना?

भीलवाड़ा ।। जिले में अवैध बजरी खनन और इसके अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देशन में पुलिस का ‘पुष्पा स्टाइल’ में अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने सोपुरा क्षेत्र में बनास नदी में अवैध खनन करने वालों पर एक और बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है।

अवैध बजरी दोहन एवं परिवहन करते 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

सीओ सदर आईपीएस माधव उपाध्याय के नेतृत्व में डीएसटी टीम ने सोपुरा क्षेत्र के करेड़ और भाकलिया के बीच बनास नदी के पेटे में दबिश दी। टीम की इस त्वरित कार्रवाई में बजरी माफियाओं ने हड़कप मच गया। टीम ने अवैध रूप से बजरी भरते और परिवहन करते 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मौके से जब्त किया गया है।

आंदोलन की आड़ में अवैध धंधा?

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व इसी सोपुरा क्षेत्र में सोपुरा के तथाकथित लोगों द्वारा बजरी लीज धारकों पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें करीब 9 से 10 जने घायल हुए थे। उस समय इसे ‘बनास बचाओ आंदोलन’ का नाम दिया गया था।

लेकिन डीएसटी टीम की इस कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए है.

क्या लीज धारकों पर हमला कर उन्हें भगाना केवल अवैध खनन का रास्ता साफ करने की साजिश थी?

क्या ‘बनास बचाओ’ के नारे की आड़ में बजरी माफिया स्वयं सक्रिय है?

आईपीएस माधव उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों और अवैध खनन में शामिल अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

ये थे टीम में
आईपीएस आयुष श्रोत्रिय, डीएसटी हेड कांस्टेबल बंटी डायर, शंभू सिंह, कुलदीप, ओमप्रकाश, हरि ओम, महेश और दिव्यांश।

पुलिस अब इस मामले में शामिल बजरी माफियाओं की तलाश कर रही है और बनास नदी क्षेत्र में निगरानी और कड़ी कर दी गई है।

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