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हनुमानगढ़ में बिजली कटौती के खिलाफ नागरिकों का ‘चप्पल मार्च

विधायक गणेशराज बंसल के नेतृत्व में भ्रष्टाचार व लापरवाही पर जमकर बरसे लोग

हनुमानगढ़। शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बुधवार को हनुमानगढ़ टाउन में एक अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नागरिकों ने ‘चप्पल मार्च’ के रूप में यह विरोध दर्ज कराया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग हाथों में चप्पल लेकर सड़कों पर उतरे और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह विरोध प्रदर्शन विधायक गणेशराज बंसल के नेतृत्व में हुआ । भीड़ भारत माता चौक से विद्युत विभाग कार्यालय तक रैली के रूप में पहुंची। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित करना जनजीवन को ठप कर देने के बराबर है, और विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी जानबूझकर आमजन की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं।
विधायक गणेशराज बंसल ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति में बार-बार अवरोध डालकर नागरिकों को परेशान किया जा रहा है, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘बंद करो ये भ्रष्टाचार, जनता की है ललकार’ जैसे नारे लगाए और विद्युत अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि फॉल्ट रिपेयर टीम (FRT) में भारी अनियमितताएं हैं। नियम के अनुसार 30 लोगों की ड्यूटी होनी चाहिए, लेकिन हकीकत में केवल 5 लोग ही काम कर रहे हैं। साथ ही, टीम के पास न तो ड्रेस है और न ही वायरमैन , जिससे आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई असंभव हो जाती है।
बिजली कटौती को लेकर आक्रोश पहले से ही उबाल पर था।
प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। डीएसपी मीनाक्षी के नेतृत्व में भारी पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। प्रदर्शनकारियों के विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचने पर गेट के बाहर नारेबाजी की गई और अधिकारियों से समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई।
वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि विद्युत विभाग के हाल इतने बुरे है कि विद्युत फॉल्ट आने पर पांच पांच दिन तक फॉल्ट सही नही होते और विद्युत विभाग में कमीशनखोरी चरम पर है। ट्रॉस्फार्मर लगवाने के लिए आमजन को चक्कर लगाने पड़ते है और विभाग के अधिकारी खुद अपने भाईयों के नाम पर ठेकेदारी कर रहे है और जनता के साथ दुव्यर्वहार कर रहे है। सोलर योजना के तहत आमजन को अपने कमीशन वाले ठेकेदार से सोलर लगवाने के लिए बाधित करते है अन्यथा उनकी फाईल को महिनों तक पेडिंग में रखा जाता है।
चप्पल मार्च के दौरान नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया और भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक विरोध है, अगली बार लोग बिजली कार्यालय का घेराव करेंगे और बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
नेताओं और नागरिकों की संयुक्त मांगें
प्रदर्शन में शामिल नेताओं और नागरिकों ने संयुक्त रूप से मांग रखी कि 8 अगस्त को 33 केवी की सप्लाई काटने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। FRT टीम को पूरी संख्या, उचित प्रशिक्षण, ड्रेस और फायरमैन उपलब्ध कराए जाएं।बिना कारण की बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए। विभागीय भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच हो।अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्तेदारों के नाम से चल रही फ़र्मो में बिजली विभाग के ठेकों की जाँच हो।
प्रदर्शन में विधायक गणेशराज बंसल, सुमित रणवां, अमित माहेश्वरी, मुकेश भार्गव, राजेन्द्र चौधरी, बलविन्द्र बराड़, जगदीप विक्की, अवतार बराड़, वारिस अली, वली माहेहम्मद, रणजीत पूनिया, जसप्रीत बराड़ ने संबोधित किया। मार्च का समापन विद्युत विभाग कार्यालय के बाहर सभा के रूप में हुआ, जहां वक्ताओं ने अपनी बात रखी।

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