सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ हनुमानगढ़ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन

भगत सिंह चौक पर कुत्तों की सुरक्षा के समर्थन में जुटे सैकड़ों लोग, युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
हनुमानगढ़, तिथि :सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए कुत्तों से संबंधित आदेश के विरोध में हनुमानगढ़ के भगत सिंह चौक पर सोमवार को एक बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन (नेता/संगठन का नाम) की अगुवाई में हुआ। आयोजन के लिए प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई थी और पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल अनुशासित व शांतिपूर्ण रहा।
कुत्तों के समर्थन में आवाज़
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुत्ते समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें केवल परेशानी या खतरे के रूप में देखना गलत है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पशु अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
नेताओं ने कहा कि कुत्तों को मारने या उनसे दुर्व्यवहार करने की बजाय सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, जैसे-
आवारा कुत्तों के लिए आश्रय गृह (shelters) स्थापित करना।
– नसबंदी और टीकाकरण की व्यवस्था को और मजबूत करना।
– लोगों को कुत्तों के साथ सुरक्षित और मानवीय व्यवहार के लिए शिक्षित करना। युवाओं की बड़ी भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में युवा वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवा कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी करते हुए यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी पशु संरक्षण और मानवीय मूल्यों को लेकर गंभीर है। युवाओं ने यह भी कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है जब नई पीढ़ी आगे आए और जागरूकता फैलाए। जागरूकता अभियान
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और युवाओं ने पर्चे बाँटे और नागरिकों को यह समझाया कि कुत्ते केवल सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि निष्ठा और साथीपन के प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रेबीज़ जैसी बीमारियों की रोकथाम टीकाकरण और जनजागरूकता से संभव है, न कि हिंसा से। प्रशासन की उपस्थिति
पुलिस और प्रशासन की निगरानी में रैली शांतिपूर्ण रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कानूनी दायरे में रहकर ही अपनी बात रखेंगे और इस मामले को न्मायालय और सरकार तक पहुँचाएँगे। आगे की रणनीति
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा। इसमें मांग की गई कि कुत्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लेने की पहल हो। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर बड़े जागरूकता अभियान चलाए जाएँगे।



