संगरिया विधायक पर दबाव बनाने के आरोप

– लोगों ने एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की
हनुमानगढ़। संगरिया क्षेत्र में सिंचाई विवाद और पुलिस दबाव के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को क्षेत्र के अनेक ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संगरिया विधायक द्वारा पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके चलते पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चक 1 पीटीपी निवासी प्रार्थी सुखदेव सिंह ने बताया कि वह 1.5 बीघा भूमि की काश्तकार है। उसके खेत से जबरन सिंचाई की आड़ निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इस विवाद में परविंद्र कौर पत्नी गुरसेवक सिंह, सुखविंदर कौर पत्नी बलकौर सिंह सहित उनके परिजनों द्वारा न केवल नाजायज रूप से खेत से आड़ निकालने की कोशिश की गई, बल्कि जातिसूचक गालियां देकर धक्का-मुक्की भी की गई। सुखदेव सिंह ने आरोप लगाया कि इस संबंध में जब उसने पुलिस चौकी मालारामपुरा प्रभारी को प्रार्थना पत्र सौंपा तो संगरिया विधायक अभिमन्यु पुनिया ने खुलेआम चौकी प्रभारी को धमकाते हुए कहा कि यदि आरोपियों पर कार्यवाही की तो उन्हें सस्पेंड करवा देंगे। इस दबाव के कारण पुलिस अधिकारी निष्पक्ष जांच नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले के अलावा एक और मामले से संबंधित एफआईआर संख्या 358 दर्ज की गई थी, जिसकी विवेचना पहले मालारामपुरा चौकी, थाना संगरिया द्वारा की जा रही थी। लेकिन बाद में इस जांच को भादरा थाना स्थानांतरित कर दिया गया। ग्रामीणों ने मांग की सीसीटीवी फुटेज को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता दी जाये, पीड़ित को निष्पक्ष न्याय मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में कहा कि सिंचाई विभाग के नियमानुसार जिस स्थान से पानी की सुविधा उपलब्ध हो, वहीं से सिंचाई की जानी चाहिए। इसके बावजूद विरोधी पक्ष अपनी बारी का नाजायज फायदा उठाकर दूसरे खेत से आड़ निकालना चाहता है, जिससे पीड़ित को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विधायक के दबाव के चलते पुलिस अधिकारी कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं। यदि ऐसे हालात बने रहे तो गरीब और छोटे किसानों को न्याय मिलना असंभव हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई कि इस पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष रूप से करवाई जाए और दबाव में कार्यवाही करने वाले अधिकारियों को संरक्षण न दिया जाए।
जिला पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनी और ज्ञापन प्राप्त कर उचित जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र के कई किसान, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।



