डूबते सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य, अब उदयीमान सूर्य का इंतजार
हनुमानगढ़ में छठ महापर्व का आस्था व उल्लास से मनाया गया आयोजन, घाटों पर गूंजे छठ के गीत और भक्ति की धारा

हनुमानगढ़। लोक आस्था के महापर्व छठ का पर्व सोमवार को हनुमानगढ़ में श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में मनाया गया। पूरे नगर में छठ के गीतों और भक्ति रस की गूंज रहीकृ “कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए…”, “जोड़े-जोड़े नारियल तोहे चढ़इबो ना…”, “ऐ छठी मइया होई ना सहइया…” जैसे गीतों से वातावरण भक्तिमय बन गया। सोमवार सायं को हनुमानगढ़ टाउन स्थित कोहला नहर पर छठ घाट पर व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इसी के साथ अब उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसके साथ मंगलवार को चार दिवसीय यह लोक पर्व संपन्न होगा। श्री मिथिला सेवा समिति (राज.) हनुमानगढ़ टऊन द्वारा आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व राज्य मंत्री डॉ रामप्रताप ने फीता काटकर व विधायक गणेशराज बंसल,अमन संधू, सुमित रिणवा,अमित माहेश्वरी ने पूजा कर छट महापर्व का शुभारम्भ किया । इस मौके पर विशिष्ट अतिथि सचिन कौशिक,बहादुर सिंह चौहान,एन के सिन्हा,जयदेव भिड़ासरा,पार्षद भूपेन्द्र मेहरा, प्रदीव ऐरी,मुकेश भार्गव,शुभेन्द्र सिंह शेरी,नितिन बंसल, प्रतिभा झा, पूजा प्रियदर्शिनी उपस्थित रहे । इस अवसर पर अतिथियों ने श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए कहा कि छठ पूजा न केवल पूर्वांचल और बिहार की पहचान है, बल्कि आज यह पूरे देश में लोक आस्था का पर्व बन चुका है, जो सूर्य उपासना और स्वच्छता, संयम तथा पारिवारिक एकता का प्रतीक है। शाम ढलने के साथ ही घाटों पर श्रद्धालु जल में खड़े होकर सूर्य भगवान को अर्घ्य देते नजर आए। महिलाओं ने सिर पर डाला, सुप और पूजा सामग्री लेकर सूर्य को नमन किया। आसमान में गूंजते छठ गीतों और “जय छठी मइया” के जयघोष ने माहौल को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। इसी दौरान समिति द्वारा रंग-बिरंगी लाइटिंग, पटाखों और आतिशबाजी की विशेष व्यवस्था की गई, जिसने पूरे घाट को जगमग कर दिया। रात्रि में विशाल जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें बाहर से आई भजन मंडलियों ने छठी मइया और भगवान सूर्य देव के मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। आर्ट ग्रुप द्वारा आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समिति की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समिति अध्यक्ष बलदेव दास ने बताया कि छठ पूर्वांचल और बिहारवासी श्रद्धालुओं का प्रमुख पर्व है, जिसे आज स्थानीय लोग भी समान आस्था के साथ मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस त्योहार पर श्रीमती पिंकी, पूजा, प्रियदर्शिनी, प्रतिभा झा, श्वेता, कर्ण, रानी सिंह, दिव्या कुमारी, पूजा, विशाल आदि महिलाएं और पुरुष व्रती चार दिनों तक कठोर नियमों का पालन करते हुए उपवास रखते हैं तथा जल में खड़े होकर अस्त और उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष बलदेव दास, उपाध्यक्ष अशोक गौतम, सचिव प्रमोद यादव, कोषाध्यक्ष दिलखुश मंडल, सह सचिव श्याम दास, सह कोषाध्यक्ष संदीप महंतो,एड.रिन्कू मिश्रा, प्रवक्ता शिवचंद यादव, सदस्य कमलेश यादव, बहरू ठाकुर, सोनू यादव, अमरजीत झा, मोहन ठठेई, अमृत विशाल, पप्पू यादव, अजय यादव, हरिसिंह, विकास रगीला, योगेश किशोर, विष्णुकांत राय सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। हनुमानगढ़ में छठ घाटों पर उमड़ी भीड़ और उत्साह ने यह साबित कर दिया कि यह पर्व न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति की एकता और सामूहिक आस्था का सजीव उत्सव भी है।



