एथेनॉल राठीखेड़ा फैक्ट्री के विरोध में आंदोलन तेज करने का ऐला
- 7 जनवरी को संगरिया में किसान–मजदूर महापंचायत, प्रशासन को अल्टीमेटम

हनुमानगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा, हनुमानगढ़ की ओर से शुक्रवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, हनुमानगढ़ जंक्शन में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में राठीखेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में चल रहे किसान–मजदूर आंदोलन की आगे की रणनीति स्पष्ट की गई और प्रशासन को 7 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मंगेज चौधरी ने कहा कि राठीखेड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसान, मजदूर और आम जनता लंबे समय से विरोध कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि 10 दिसंबर को हुए घटनाक्रम के दौरान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों और ग्रामीणों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण हैं। इथेनॉल फैक्ट्री के सभी मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रेशम सिंह मानुका ने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि फैक्ट्री मालिक ने हनुमानगढ़ में इथेनॉल फैक्ट्री लगाने से इनकार कर दिया है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई लिखित पत्र सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। जगजीत सिंह जग्गी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 7 जनवरी तक प्रशासन लिखित रूप में यह प्रमाण नहीं देता कि फैक्ट्री हनुमानगढ़ में नहीं लगेगी और राठीखेड़ा फैक्ट्री प्रकरण में किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की कार्रवाई नहीं की जाती, तो 7 जनवरी को संगरिया में एक विशाल किसान–मजदूर महापंचायत आंदोलन को तेज किया जाएगा
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रेशम सिंह मानुका ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन लिखित में फैक्ट्री न लगने का पत्र संघर्ष समिति को सौंप देता है, तो 7 जनवरी को “जश्ने महापंचायत” का आयोजन किया जाएगा। बावजूद इसके, 7 जनवरी को संगरिया में महापंचायत अवश्य होगी, जिसमें आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और आगे की संघर्ष योजना तय की जाएगी।
मनदीप सिंह मान ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक फैक्ट्री के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की जमीन, पानी, पर्यावरण और भविष्य की रक्षा का सवाल है। रघुवीर वर्मा ने प्रशासन से पारदर्शिता और संवेदनशीलता दिखाने की अपील की तथा चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान मजदूर संगठनों के अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिति रही। संयुक्त किसान मोर्चा ने मीडिया से अपील की कि वे इस जन आंदोलन और क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से जनता के सामने रखें, ताकि किसानों की आवाज को मजबूती मिल सके।इस मौके पर जगजीत सिंह जग्गी, बलतेज सिंह, बलराज सिंह रमाना, मिठू सिंह बराड़, बलजिंदर सिंह बराड़, गगनदीप,अंगेज चौधरी, सुभाष गोदारा, मनदीप सिंह, संदीप कंग, जाकिर हुसैन, मनप्रीत, शेर सिंह, आत्मा सिंह बहादुर सिंह चौहान अमरजोत सिंह व अन्य नेता मौजूद थे।


