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पंजाबी समाचार पत्र ‘कलम’ के वरिष्ठ सह-संपादक गुरदेव सिंह सैनी का 70वां जन्मदिन सोमवार को जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया।
अलसुबह होलसेल सब्जी मंडी पहुंचे सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गोयल, किया सघन निरीक्षण
भाखड़ा, गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर में पानी की समस्या के समाधान को लेकर चीफ इंजीनियर से मिले जनप्रतिनिधि
महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर एक विशेष पहल
10 अगस्त के ‘जेल भरो आंदोलन’ को सफल बनाने की रणनीति तैयार, गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान
नोट दोगुने करने का झांसा देकर 30 हजार की ठगी करने वाला संदिग्ध राउंडअप, जंक्शन पुलिस की त्वरित कार्रवाई
नॉर्थ प्वाइंट स्कूल के विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
 बी. आदित्य, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ द्वारा जिले के होटल, धर्मशाला, सराय, लॉज एवं गेस्ट हाउस संचालकों की बैठक आयोजित, ई-Visitor Portal की अनिवार्यता एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों से कराया अवगत
डिंग में सरपंचों से बोले डीएसपी राजवीर सिंह, नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का दें साथ ।

महिला डाक्टर को रिहायशी प्लॉट में व्यावसायिक गतिविधियां करने पर न्यायालय ने लगाई अंतरिम रोक

हनुमानगढ़। स्थानीय अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश द्वारा स्थगन आदेश के एक प्रार्थना पत्र पर अपने एक निर्णय में महिला डॉक्टर सीमा खीचड़ को प्रोफेसर कॉलोनी के आवासीय प्लॉट में व्यवसायिक गतिविधियां बंद करने का आदेश सुनाया है। प्रकरण के अनुसार प्रार्थी मनीष शर्मा ने टाउन स्थित प्रोफेसर कॉलोनी के भूखण्ड संख्या 57 साईज 50 गुणा 90 फुट अपने परिवार के उपयोग के लिए खरीद किया था ताकि प्रार्थी अपने परिवार सहित शांतिपूर्ण तरीके से वहां निवास कर सके। प्रार्थी मनीष शर्मा द्वारा खरीद किए गए भूखण्ड के चिपते भूखण्ड में अप्रार्थी सीमा खीचड़ व डॉ. सुमेश खीचड ने खरीद करके आवासीय क्षेत्र में व्यवसायिक उपयोग करने के उद्देश्य से बिना भू-परिवर्तन करवाए तथा नगरपरिषद् से केवल आवासीय निर्माण स्वीकृति प्राप्त कर अवैध रूप से अस्पताल का निर्माण करके व्यवसायिक उपयोग कर रहे थे। प्रार्थी ने डॉ. सीमा खीचड़, डॉ. सुमेश खीचड़ व नगरपरिषद हनुमानगढ़ को पक्षकार बनाकर दीवानी दावा सिविल न्यायाधीश के समक्ष पेशकर आवासीय भूखण्ड पर व्यवसायिक गतिविधियां रोकने बाबत प्रस्तुत किया जो कि विचाराधीन है। प्रार्थी ने दावा के साथ दीवानी प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना पत्र पेश किया। न्यायालय ने दोनो पक्षों की बहस सुनने के बाद प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र आदेश 39 नियम 1, 2 दीवानी प्रक्रिया संहिता स्वीकार करने का आदेश पारित कर अप्रार्थी संख्या 1 डॉ. सीमा खीचड़ को भूखण्ड को बिना व्यावसायिक उपयोग परिवर्तन करवाए मूल दावा के निस्तारण होने तक व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है।

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