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इंजेक्शन लगाने के बाद युवक की संदिग्ध मौत पर हंगामा

हनुमानगढ़। राजकीय चिकित्सालय हनुमानगढ़ में रविवार को एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। मृतक के परिजनों ने चिकित्सा कर्मियों पर घोर लापरवाही के आरोप लगाते हुए पुलिस थाना टाउन में एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की। मामले के तूल पकड़ने पर बड़ी संख्या में शहरवासी, ग्रामीण एवं वार्डवासी अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश कर वार्ता की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरकत कॉलोनी सौ फुट रोड निवासी उपेन्द्र दास पुत्र सुवास दास ने थानाधिकारी को दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि उसका 30 वर्षीय पुत्र अर्जुनदास को 15 नवंबर की शाम करीब 6 बजे तेज बुखार होने पर राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सक डॉ. दीपक चौधरी, विभाग मेडिसिन, राजकीय मेडिकल कॉलेज हनुमानगढ़ के निर्देशानुसार उसका उपचार चल रहा था।


उपेन्द्र दास के अनुसार 16 नवंबर को सुबह 9दृ10 बजे तक युवक की तबीयत सामान्य थी और वह पूरी तरह बातचीत कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक द्वारा निरीक्षण के बाद कंपाउंडर को दिए गए निर्देशों के आधार पर युवक को एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ ही मिनट बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और वह मौत के मुंह में चला गया। डॉक्टर ने जांच के बाद अर्जुनदास को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बताया कि जब इंजेक्शन की जानकारी और विस्तृत विवरण मांगा गया तो डॉक्टर व कंपाउंडर ने जानकारी देने से इंकार कर दिया और कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, परिजनों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें धमकाकर वार्ड से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने परिजनों का साथ दिया, जिसके बाद इंजेक्शन की फोटो लेकर प्रमाण सुरक्षित किए गए।
उपेन्द्र दास ने बताया कि जब उन्होंने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत करनी चाही तो उन्होंने भी बात सुनने से इंकार कर दिया और कार्यालय से बाहर जाने को कह दिया। इस पर मृतक के परिजनों, वार्डवासियों सहित मनीष मक्कासर, कृष्ण कुमार, श्याम दास, बहादुर सिंह चौहान, अनील यादव, प्रमोद दास, जितेन्द्र दास, सोनू दास, सीताराम सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ व ग्रामीण जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और जिला परिषद डायरेक्टर मनीष मक्कासर, रघुवीर वर्मा, बहादुर सिंह चौहान की मध्यस्ता से पीड़ित परिवार से वार्ता की। उन्होंने उचित जांच, न्याय, एक सदस्य को नौकरी तथा चिरंजीवी योजना के तहत संभव सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। परिजनों ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी अस्पताल परिसर में मौजूद रही। शहरवासियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और अस्पताल में लापरवाही के मामलों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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