डीटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार की कवरेज पर पत्रकार को धमकियां मिलने का आरोप
एसपी को शिकायत — फर्जी मुकदमे में फंसाने व दबाव बनाकर सच दिखाने से रोकने की कोशिश

पत्रकारिता का हो रहा है हनन
हनुमानगढ़। डीटीओ कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार की खबरें प्रकाशित करने पर पत्रकार को धमकियां व प्रताड़ित करने की शिकायत का मामला सामने आया है। इस संबंध में पत्रकार लक्ष्मीनारायण निवासी वार्ड 17, हनुमानगढ़ जंक्शन ने जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि वह पिछले 5–6 वर्षों से विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से तथा स्वतंत्र रूप से सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए ईमानदारी व निर्भीकता के साथ पत्रकारिता कर रहा है। इसी क्रम में वह कुछ समय से डीटीओ कार्यालय हनुमानगढ़ जंक्शन में सक्रिय बीमा कर्मियों, फोटोकॉपी संचालकों, फॉर्म व स्टाम्प विक्रेताओं तथा कुछ अधिवक्ताओं द्वारा आमजन से अधिक राशि वसूलने, भ्रमित करने तथा प्रक्रियात्मक अनियमितताएं करने संबंधी मामलों पर रिपोर्टिंग कर रहा है। इस संबंध में उसने अपने अखबार व यूट्यूब चैनल Dainik Navratan Bharat पर कई खबरें प्रकाशित और प्रसारित की हैं।
पत्रकार के अनुसार जब उपरोक्त व्यक्तियों के गलत कार्य उजागर होने लगे तो उन्होंने पहले उसे धमकाकर डीटीओ कार्यालय की जांच-पड़ताल एवं रिपोर्टिंग बंद करवाने का प्रयास किया। आरोप है कि पत्रकारिता और आरटीआई के माध्यम से उजागर किए जा रहे तथ्यों से परेशान होकर संबंधित व्यक्तियों ने अब उसकी छवि खराब करने और दबाव बनाने के उद्देश्य से झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया है।
संपादक दैनिक नवरतन भारत लक्ष्मीनारायण ने शिकायत में कहा कि उसका उद्देश्य समाज की सेवा और आमजन को जागरूक करना है तथा वह ईमानदार और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता से पीछे हटने वाला नहीं है। लेकिन कुछ असामाजिक व भ्रष्ट तत्व उसे डराने, धमकाने और द्वेषवश उसके विरुद्ध कार्रवाई करवाने की साजिश रच रहे हैं, जिससे उसकी सुरक्षा व स्वतंत्र पत्रकारिता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
पत्रकार ने जिला पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए न्याय दिलाया जाए, साथ ही भविष्य में पत्रकारिता कार्य के दौरान किसी तरह का दबाव, उत्पीड़न, झूठा मुकदमा या मानसिक प्रताड़ना न हो यह सुनिश्चित किया जाए।
प्रार्थना पत्र 21 नवंबर 2025 को जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया।



