Flash Story
विकसित भारत-जन सेवा अभियान : राष्ट्रीय स्वेच्छिक रक्तदान दिवस पर आमजन ने किया रक्तदान
वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
एफआईआर 185/2026 में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, महिला थाना अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हनुमानगढ़ में पुलिस द्वारा मैराथन दौड़ का आयोजन
आंगन मिलन सेवा से सजा अपनत्व का आंगन, स्वास्थ्य और पोषण का दिया संदेश
लायंस क्लब रॉयल्स के शिविर में 27 यूनिट रक्त संग्रहित
बीकानेर संभाग टोली की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, संगठन विस्तार व नशा मुक्त समाज निर्माण पर मंथन
पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत NDPS एक्ट का वांछित आरोपी गिरफ्तार
वार्ड 10 में चोरी की घटनाओं से वार्डवासी परेशान, थाने पहुंचे वार्डवासी

23 वर्ष 6 माह बाद भी नहीं मिला जीपीएफ व एफपीएफ भुगतान, सेवानिवृत कर्मचारी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की न्याय की गुहार

हनुमानगढ़। जोधपुर डिस्कॉम से सेवानिवृत सेक्शन ऑफिसर के.एल. गर्ग ने अपने बकाया जीपीएफ व एफपीएफ भुगतान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि सेवा निवृत्ति के 23 वर्ष 6 माह बीत जाने के बाद भी उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें न्यायालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और शारीरिक व मानसिक रूप से अत्यधिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
गर्ग ने बताया कि मई 2002 में सेवानिवृत्ति के बाद से उन्हें उम्मीद थी कि वर्षों की सेवाकाल में कटे जीपीएफ और एफपीएफ की राशि मिलने से उन्हें वृद्धावस्था में सहारा मिलेगा। परंतु, भुगतान न होने के कारण वे पिछले दो दशकों से लगातार कोर्ट में मुकदमों व चक्कर लगाने के लिए विवश हैं। उनका कहना है कि उनके वेतन से कटौती का पूरा रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है, फिर भी लेखा अधिकारियों द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे अनावश्यक मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ रही है।
उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि कंट्रोल ऑफ अकाउंट्स जयपुर कार्यालय के अधिकारियों की लापरवाही व हठधर्मिता के कारण उन्हें वर्षों से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “जब पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है, तब अदालतों में उलझाए रखने की क्या जरूरत है? मेरे पास सबूत होने के बावजूद भुगतान टालना न केवल अनैतिक है बल्कि वृद्धावस्था में असहनीय पीड़ा का कारण भी है।”
के.एल. गर्ग ने कहा कि लंबे समय से चल रहे तनाव के कारण उन्हें कई गंभीर बीमारियाँ हो चुकी हैं और डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि संबंधित अधिकारियों को आदेश देकर उनका बकाया 15 दिनों में दिलवाया जाए और उन्हें अदालतों के चक्कर से मुक्ति मिले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वृद्धावस्था और बीमारी में यह संघर्ष असहनीय हो चुका है, इसलिए सरकार मानवीय आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करे।
गर्ग ने पत्र में यह भी आग्रह किया कि यदि भविष्य में स्वास्थ्य खराब होने के कारण किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की जांच में निश्चित की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार न्याय दिलाएगी और अब तक लंबित पड़े भुगतान को तुरंत निपटाकर वृद्धावस्था में राहत प्रदान करेगी।
स्थानीय कर्मचारी वर्ग और विभिन्न संगठन भी इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देने की बात कर रहे हैं और समय पर पेंशन व जीपीएफ भुगतान व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

Back To Top