बच्चों के आईक्यू विकास हेतु टाउन में आयोजित ट्रीपल क्यू प्रतियोगिता
-जिलेभर से 263 विद्यार्थियों ने लिया भाग, 14 जनवरी को होंगे विजेता सम्मानित

हनुमानगढ़। बच्चों के बौद्धिक स्तर (आईक्यू) को विकसित करने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से टाउन में रविवार को ट्रीपल क्यू प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। आयोजन समिति गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल द्वारा इस स्तर की परीक्षा करवाकर बच्चों को व्यवहारिक व विश्लेषणात्मक ज्ञान की दिशा में प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। प्रतियोगिता दो चरणों में हुई जिसमें जिलेभर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता को जूनियर और सीनियर दो वर्गों में विभाजित किया गया था। जूनियर वर्ग में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि सीनियर वर्ग में कक्षा 9 और 10 के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान, गणितीय तर्कशक्ति, मानसिक योग्यता, पर्यावरण अध्ययन और विश्लेषण कौशल जैसे विषयों को शामिल किया गया, जिससे बच्चों की वास्तविक बौद्धिक क्षमता का मूल्यांकन हो सके।

शिक्षा समिति के निदेशक बलकरण सिंह ने बताया कि ट्रीपल क्यू प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल रटने वाले ज्ञान तक सीमित न रखते हुए वास्तविक जीवन में उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आज प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल अकादमिक ज्ञान से नहीं बल्कि विश्लेषण, तार्किक सोच और निर्णय क्षमता से मिलती है। इसी दृष्टि से समिति ने इस परीक्षा को आरपीएससी की तर्ज पर डिजाइन किया है। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये नकद व ट्रॉफी, द्वितीय पुरस्कार 2100 रुपये व ट्रॉफी तथा तृतीय पुरस्कार 1100 रुपये व ट्रॉफी निर्धारित किए गए हैं। विजेता छात्रों को आगामी 14 जनवरी को आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।
आयोजन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा में सख्त निगरानी व्यवस्था अपनाई गई। कक्ष निरीक्षण का दायित्व एसीबीओ दीपक मिड्ढ़ा अतर सिंह ,राकेश कड़वासरा,राजेन्द्र स्वामी, एवं उनकी टीम ने संभाला, जिन्होंने आरपीएससी परीक्षा की तर्ज पर चैकिंग करते हुए निष्पक्ष माहौल बनाए रखा।
जिलेभर से कुल 263 बच्चों ने भाग लेकर प्रतियोगिता को सफल बनाया। आयोजन समिति ने कहा कि बच्चों के उत्साह और अभिभावकों के सहयोग से यह प्रतियोगिता अत्यंत प्रभावी रही और भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम जारी रहेंगे। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास एवं मानसिक चपलता बढ़ाने का यह प्रयास शिक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सराहा जा रहा है।



