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अरावली बचाओ जनजागरण अभियान: हनुमानगढ़ में कांग्रेस का पैदल मार्च, कलेक्टर पर किया रोष प्रदर्शन

अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट तक निकली रैली, अवैध खनन के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुलंद की आवाज
हनुमानगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आज हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित अंबेडकर चौक से “अरावली बचाओ जनजागरण अभियान” के तहत एक विशाल पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अरावली पर्वत क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन और न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों के विरोध में जिला कलेक्टर कार्यालय पर पहुंचकर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। यह पैदल मार्च प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए।
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने जानकारी देते हुए बताया कि अरावली पर्वत श्रृंखला केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद अरावली क्षेत्र में लगातार अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिए गए आदेशों की भी खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है। इसी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर हनुमानगढ़ जिले में यह पैदल मार्च आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अंबेडकर चौक पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद सभी कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर पैदल मार्च के रूप में आगे बढ़े। इस मार्च का नेतृत्व नोहर विधायक अमित चाचाण, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर, पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र दादरी तथा पूर्व विधायक सुरेश चौधरी ने किया। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पर्यावरण संरक्षण और अरावली बचाओ के नारे लगाए।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया और मांग की कि अरावली क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को तुरंत रोका जाए। नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो इसके दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर उपस्थित नेताओं ने कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला राजस्थान की जीवन रेखा है, जो भूजल संरक्षण, जलवायु संतुलन और जैव विविधता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। इसके संरक्षण के लिए सरकार और प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे।


