ऐलनाबाद के निजी अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत*

*परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए*
ऐलनाबाद, 29 दिसंबर : ( रमेश भार्गव )शहर के ममेरा रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में आज उपचार के लिए लाई गई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका के पुत्र सोनू ने बताया कि उनकी मां बिमला देवी पत्नी काशी राम पूरी तरह स्वस्थ थीं और स्वयं चलकर अस्पताल पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कंपाउंडर ने बार-बार पांच–दस मिनट में डॉक्टर के आने की बात कहकर करीब दो घंटे तक उन्हें टालता रहा, लेकिन इस दौरान डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर को बुलाने के लिए दबाव बनाया तो कंपाउंडर ने बिना चिकित्सक की मौजूदगी के एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन व रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। परिजनों ने डॉक्टर को मौके पर बुलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। घटना की जानकारी मिलने पर शहर के कुछ डॉक्टर व गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन व परिजनों के बीच बातचीत करवाई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग दोहराई। काफी देर तक चली बातचीत के बाद परिजनों ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर मामले की जांच और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर सहमति जताई, जिसके बाद स्थिति शांत हुई और शाम को मृतक महिला का अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर इकठ्ठा हुए लोगों ने कहा कि यह गंभीर विचार का विषय है कि इस तरह के अस्पतालों में कार्यरत कंपाउंडर व अन्य स्टाफ कितना प्रशिक्षित और अनुभवी है। कई मामलों में अनुभवहीन कर्मचारियों के भरोसे मरीजों की जान छोड़ दी जाती है। इस तरह के हस्पतालों की नियमित व सख्त जांच की जाए ताकि लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके और आमजन की जान से खिलवाड़ न हो।
फोटो कैप्शन : मौके पर इकठ्ठा हुए शहर के गणमान्य लोग।


