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गाय के गोबर में एंटी रेडीएशन : महापात्र 

नशे से मुक्ति- गो सेवा की शक्ति महाभियान शुरू 

– 20 हजार गोबर गणेश का निर्माण, घर-घर होंगे वितरित 
– इलेक्ट्रॉनिक गो ग्रास गुल्लक योजना शुरू 
हनुमानगढ़. जंक्शन में अबोहर मार्ग पर स्थित श्री गोशाला में नशे से मुक्ति- गो सेवा की शक्ति महाभियान का शुभारंभ हुआ। महाभियान के तहत 20 हजार गोबर, गोमूत्र, सरस्वती नंदी के जल और पवित्र मिट्टी से निर्मित किए गए हैं और इन्हें घर घर वितरित किया जाएगा। इस महाभियान के तहत इलेक्ट्रॉनिक गो ग्रास गुल्लक योजना के माध्यम से सौ रुपए मासिक के बीस हजार सदस्य बनाए जाएंगे और इससे प्राप्त राशि से जिले में नई गोशालाएं खोली जाएंगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए चारा और अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इलेक्ट्रॉनिक गो ग्रास गुल्लक योजना के तहत सौ रुपए मासिक की सहयोग राशि दानदाता के बैंक खाते से प्रति माह कटौती की जाएगी। यह राशि सीधे संबंधित व्यक्ति के खाते से गोशाला के खाते में जमा होगी। योजना का उद्देश्य हर व्यक्ति को गो सेवा से जोडऩा है। इसके लिए श्री गोशाला सेवा समिति सौ रुपए मासिक के सदस्य बनाएगी।
श्री गोशाला सेवा समिति के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लड्डू गोपाल रहे और विशिष्ट अतिथि भगवती गो माता रही और अध्यक्षता नंदी भगवान ने की। समारोह का संचालन कृषि विपणन विभाग के उप निदेशक पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और गो सेवा प्रकल्प के राष्ट्रीय संयोजक अजीत महामात्र मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में गो सेवा के क्षेत्र में सहयोग केलिए व्यापार संघ के अध्यक्ष पदमचंद जैन, व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुलवीर सिंह, गोपाल जिंदल, शिव भगवान ढुढाणी, बीरबल जिंदल आदि मौजूद रहे।
गो सेवा प्रकल्प के राष्ट्रीय संयोजक अजीत महापात्र ने कहा कि गाय का गोबर एंटी रेडीएशन है। गोबर रेडीएशन रोकता है। यह अनेक तथ्यों से सिद्ध भी हो गया है और इसे वर्ष 2021 में पेटेंट भी करवाया गया है। उन्होंने कहा कि आज हर तरफ रेडिएशन फैला हुआ है। हर हाथ में मोबाइल है। घर हो, प्रतिष्ठान हो, होटल अथवा होस्पीटल हो हर जगह मोबाइल हैं और इलेक्ट्रोनिक उपकरण हैं। उपकरण रिमोट आधारित हैं, यानि रेडिएशन हर तरफ फैला हुआ है। इस रेडिएशन से बचाव के लिए गोबर बहुत कारगार है।
उन्होंने कहा कि गाय के गोबर से बनी मूर्ति बनवाएं और उन्हें घरों में प्रतिष्ठित करें, इससे रेडिएशन कम होगा। गोबर में रेडिएशन कंट्रोलर होता है। उन्होंने कहा कि पहले गोबर से घरों की लिपाई होती थी, वह रेडिएशन का कार्य करती थी। गोबर की मूर्ति का विग्रह रेडिएशन रक्षक बनेगा। उन्होंने कहा कि जब तक श्रद्धा थी, गाय घर में थी, गाय के स्र्पश से व्यक्ति निरोगी होता है। उन्होंने कहा कि गो माता जीवन का हिस्सा नहीं जीवन है। गो वृत्ति बनाना है। गाय गोशाला में नहीं घर में होनी चाहिए।
आरएसएस प्रचारक अजीत महापात्र ने कहा कि हिन्दू जीवन पद्धति है। हिमालय से कन्या कुमारी तक के भूभाग को हिन्दूस्तान कहते हैं और इसमें रहने वालों को हिन्दूस्तानी कहते हैं। ईश्वर को अनुभव करने वाले व्यक्ति को हिन्दू कहते हैं।
आरएसएस प्रचारक ने कहा कि हनुमानगढ़ में गाय के गोबर से हजारों गणेश बनें, यही गणेश महोत्सव की सार्थकता है। गोबर के गणेश जब घर घर पहुंच जाएंगे तो गाय भी घर घर पहुंच जाएगी।
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