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’अराईयावाली में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक सम्पन्न’

-मनरेगा को कमजोर कर गरीबों से रोजगार छीना जा रहा है – जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर’
हनुमानगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी हनुमानगढ़ की एक महत्वपूर्ण बैठक गांव अराईयावाली में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर का कार्यकर्ताओं द्वारा साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर जोरदार अभिनंदन किया गया। बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना रहा।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने मनरेगा संग्राम के तहत केंद्र एवं राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकारें केवल योजनाओं के नाम बदलकर जनता को गुमराह कर रही हैं। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर उसे “जय राम जी योजना” के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
मनीष मक्कासर ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन का सुनिश्चित रोजगार देना था, ताकि गरीब परिवारों को अपने ही गांव में काम मिल सके और उन्हें पलायन न करना पड़े। लेकिन आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि काम के अवसर सीमित हो रहे हैं, भुगतान में देरी हो रही है और मजदूरों का भरोसा इस योजना से उठता जा रहा है। इसका सीधा असर गरीब, किसान और मजदूर परिवारों की आजीविका पर पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य व केंद्र सरकार गरीबों की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है और केवल प्रचार के माध्यम से झूठी उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं। मनरेगा को कमजोर करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। गांवों में रोजगार नहीं मिलने से बेरोजगारी बढ़ेगी और युवाओं को मजबूरी में शहरों की ओर पलायन करना पड़ेगा।
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मनरेगा संग्राम के माध्यम से गांव-गांव जाकर जनता को सरकार की नीतियों की सच्चाई बताएगी और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस की नीतियों और उपलब्धियों को सामने रखें तथा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करें।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संगठन की मजबूती पर भी जोर दिया और आगामी दिनों में आंदोलनात्मक कार्यक्रम तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि मनरेगा सहित गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। इस मौके पर सिकन्दर सिंह सिद्धू, जोगेन्द्र सिंह, मंदर सिंह, ज्ञानाराम, नेतराम चारण, धर्माराम सारसर, गुरसेवक सिंह सिद्धू, हरविन्द्र सिंह, स्वर्णदीप सिंह, बलकरण सिंह, बाबु सिंह, भादराम, रामस्वरूप, पिरथी चोयल, सुभाष चारण, जगदीप सिंह, गौरव व अन्य ग्रामीण मौजूद थे। सभा को जयराम ढुकिया, संदीप सिद्धू, कालुराम गोदारा, रामेश्वर चांवरिया, गुरप्रीत मान, यश चिलाना, मोटाराम नायक, राजू बराड, अनूप चौधरी, रामचन्द्र, विनेाद गुरूसर, सुरेन्द्र, सिमरजीत, भुपेन्द्र, जयवीर, हरदीप चहल, रामविलास चोयल, लोकेन्द्र भाटी, करणी सिंह राठौड़, राजू बराड़ व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

हनुमानगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी हनुमानगढ़ की एक महत्वपूर्ण बैठक गांव अराईयावाली में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर का कार्यकर्ताओं द्वारा साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर जोरदार अभिनंदन किया गया। बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना रहा।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने मनरेगा संग्राम के तहत केंद्र एवं राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकारें केवल योजनाओं के नाम बदलकर जनता को गुमराह कर रही हैं। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर उसे “जय राम जी योजना” के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
मनीष मक्कासर ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन का सुनिश्चित रोजगार देना था, ताकि गरीब परिवारों को अपने ही गांव में काम मिल सके और उन्हें पलायन न करना पड़े। लेकिन आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि काम के अवसर सीमित हो रहे हैं, भुगतान में देरी हो रही है और मजदूरों का भरोसा इस योजना से उठता जा रहा है। इसका सीधा असर गरीब, किसान और मजदूर परिवारों की आजीविका पर पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य व केंद्र सरकार गरीबों की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है और केवल प्रचार के माध्यम से झूठी उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं। मनरेगा को कमजोर करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। गांवों में रोजगार नहीं मिलने से बेरोजगारी बढ़ेगी और युवाओं को मजबूरी में शहरों की ओर पलायन करना पड़ेगा।
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मनरेगा संग्राम के माध्यम से गांव-गांव जाकर जनता को सरकार की नीतियों की सच्चाई बताएगी और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस की नीतियों और उपलब्धियों को सामने रखें तथा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करें।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संगठन की मजबूती पर भी जोर दिया और आगामी दिनों में आंदोलनात्मक कार्यक्रम तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि मनरेगा सहित गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। इस मौके पर सिकन्दर सिंह सिद्धू, जोगेन्द्र सिंह, मंदर सिंह, ज्ञानाराम, नेतराम चारण, धर्माराम सारसर, गुरसेवक सिंह सिद्धू, हरविन्द्र सिंह, स्वर्णदीप सिंह, बलकरण सिंह, बाबु सिंह, भादराम, रामस्वरूप, पिरथी चोयल, सुभाष चारण, जगदीप सिंह, गौरव व अन्य ग्रामीण मौजूद थे। सभा को जयराम ढुकिया, संदीप सिद्धू, कालुराम गोदारा, रामेश्वर चांवरिया, गुरप्रीत मान, यश चिलाना, मोटाराम नायक, राजू बराड, अनूप चौधरी, रामचन्द्र, विनेाद गुरूसर, सुरेन्द्र, सिमरजीत, भुपेन्द्र, जयवीर, हरदीप चहल, रामविलास चोयल, लोकेन्द्र भाटी, करणी सिंह राठौड़, राजू बराड़ व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।


