Flash Story
अलसुबह होलसेल सब्जी मंडी पहुंचे सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गोयल, किया सघन निरीक्षण
भाखड़ा, गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर में पानी की समस्या के समाधान को लेकर चीफ इंजीनियर से मिले जनप्रतिनिधि
महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर एक विशेष पहल
10 अगस्त के ‘जेल भरो आंदोलन’ को सफल बनाने की रणनीति तैयार, गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान
नोट दोगुने करने का झांसा देकर 30 हजार की ठगी करने वाला संदिग्ध राउंडअप, जंक्शन पुलिस की त्वरित कार्रवाई
नॉर्थ प्वाइंट स्कूल के विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
 बी. आदित्य, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ द्वारा जिले के होटल, धर्मशाला, सराय, लॉज एवं गेस्ट हाउस संचालकों की बैठक आयोजित, ई-Visitor Portal की अनिवार्यता एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों से कराया अवगत
डिंग में सरपंचों से बोले डीएसपी राजवीर सिंह, नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का दें साथ ।
321 नशीली गोलियों के साथ युवक दबोचा, मामला दर्ज

बजट में किसान व मध्यम वर्ग  व छोटे व्यापारी  हाशिये पर, 

राजस्थान की अनदेखी : सुरेन्द्र दादरी

– बजट को लेकर डीसीसी के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी का सरकार पर तीखा प्रहार

हनुमानगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी ने रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत आम बजट को किसान विरोधी बताते हुए केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बजट में एक बार फिर अन्नदाता को झटका दिया गया है और राजस्थान के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। दादरी ने कहा कि राजस्थान के लिए यह बजट विशेष रूप से निराशाजनक रहा है। न किसानों को राहत, न युवाओं को रोजगार, ना ही छोटे उद्योगों व छोटे व्यापरियों व मध्यम वर्ग को कोई संबल ,

और न ही राज्यों के अधिकारों का सम्मान। बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी पर एक शब्द तक नहीं बोला गया, जबकि किसान लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। छोटे और सीमांत किसानों के लिए केवल हाई वैल्यू एग्रीकल्चर की बातें की गई हैं, लेकिन धान, गेहूं और दाल उगाने वाले किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और डीजल की लागत लगातार बढ़ रही है, बावजूद इसके किसानों की आय सहायता में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। एआई और एग्रीस्टैक जैसी घोषणाएं जरूर की गई हैं, लेकिन बारानी और गरीब किसानों तक इन योजनाओं की पहुंच कैसे होगी, इसका कोई स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आता। पूर्व डीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि युवा वर्ग के लिए रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट जारी है, निवेशक देश से पूंजी निकाल रहे हैं और घरेलू बचत में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बजट में इन चुनौतियों से निपटने की कोई प्रभावी रणनीति नहीं दिखाई देती। दादरी ने कहा कि फसल नुकसान, जलवायु आपदाओं और कर्ज से जूझ रहे किसानों के लिए किसी गंभीर राहत पैकेज का अभाव है। सहकारिताओं को टैक्स में छूट दी गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर कमजोर प्राथमिक कृषि साख समितियों (पीएसीएस) और एफपीओ को मजबूत करने की कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। राजस्थान को लेकर उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्यों में शामिल होने के बावजूद बजट भाषण में राजस्थान का नाम तक नहीं लिया गया। ईआरसीपी परियोजना पर कोई चर्चा नहीं हुई और न ही प्रदेश में किसी नई रेलवे या मेट्रो परियोजना की घोषणा की गई। गरीबों, श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के लिए भी कोई बड़ी राहत नहीं दी गई। केन्द्रीय बजट 2026 से राजस्थान की जनता को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन यह बजट भाजपा सरकार की नीति-विहीनता और दिशाहीनता को ही उजागर करता है। अंत में दादरी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के दावों के बावजूद यह बजट राजस्थान के लिए ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ साबित हुआ

Back To Top