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ट्रांसफॉरमेटिव ट्यूसडे के तहत जिला न्यायक्षेत्र के सभी न्यायिक अधिकारीगण ने साइबर सुरक्षा पर विद्यार्थियों को किया जागरूक।

माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के द्वारा प्रेषित विशेष अभियान “एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनीशिएटिव-2026 योजना” के तहत श्री तनवीर चौधरी, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर ट्रांसफॉरमेटिव ट्यूसडे के तहत विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।

जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री तनवीर चौधरी एवं श्री अशोक कुमार टाक विशिष्ट न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय, हनुमानगढ द्वारा गुरू हरिकिशन पब्लिक विद्यालय, हनुमानगढ़, श्री पृथ्वीपाल सिंह, विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट न्यायालय द्वारा महात्मा गॉधी राजकीय विद्यालय कैनाल कॉलोनी, श्री दीपक कुमार, विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो एक्ट न्यायालय द्वारा पीएम श्री राउमावि हनुमानगढ़ जं., श्रीमती लतिका दीपक पाराशर, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सं. 02 द्वारा नेशनल पब्लिक विद्यालय, श्री गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पीएम श्री विद्यालय जोडकिया, डॉ सरिता स्वामी, विशिष्ट न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट न्यायालय द्वारा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीमती सुनिता बेडा सज्जन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फोर्ट स्कूल, सुश्री मीनाक्षी अग्रवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ द्वारा एसआरएम विद्यालय, टिब्बी रोड हनुमानगढ़ टाउन, श्रीमती सीमा गोयल, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा व्यापार मण्डल पब्लिक विद्यालय हनुमानगढ़ टाउन, श्री अविनाश चांगल, ग्राम न्यायाधिकारी द्वारा डीएवी विद्यालय हनुमानगढ़ टाउन, श्री राकेश कुमार, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड द्वारा सेठ राधाकिशन राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय हनुमानगढ़ टाउन आदि सरकारी एवं निजी विद्यालयों में उक्त शिविरों का आयोजन किया गया।

न्यायिक अधिकारीगण द्वारा चयनित विद्यालयों में जाकर कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग आदि विषयों पर जागरूक किया गया। इन विधिक जागरूकता शिविरों की थीम साइबर सुरक्षा “क्लिक करने से पहले सोचोः ऑनलाइन सुरक्षित रहो, इन्टरनेट सब कुछ याद रखता है” रखी गई। इसके अतिरिक्त न्यायिक अधिकारीगण ने सभी विद्यालय परिसरों में कोर्ट वाली दीदी शिकायत/सुझाव पेटिका भी लगाई।
बच्चों द्वारा मोबाईल फोन का उपयोग करने से उनके शारिरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है और मोबाईल बच्चों को आपराधिक दुनिया में धकेलने वाला उपकरण भी बन रहा हैं। मोबाईल का गलत आचरण के रूप में इस्तेमाल कानूनन अपराध है और कानूनी रूप से दण्डनीय भी हैं।

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