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मनरेगा कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर मजदूरों का प्रदर्शन

हनुमानगढ़। राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न मांगों को लेकर विशाल सभा एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे मजदूरों ने मनरेगा के बंद पड़े कार्यों को तत्काल शुरू करने, सभी जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने तथा मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई। सभा के बाद यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील अरोड़ा एवं देशराज के साथ वार्ता की।
यूनियन ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि जिले में बंद पड़े मनरेगा कार्यों को तुरंत शुरू किया जाए, प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगातार पांच पखवाड़ों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाए, मनरेगा कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, मजदूरों को 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाए तथा जिन श्रमिकों की फेस रिकग्निशन (आंखों से हाजिरी) के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, उनकी ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था की जाए।
वार्ता के दौरान जिला परिषद अधिकारियों ने यूनियन को आश्वस्त किया कि पूरे जिले की ग्राम पंचायतों में 16 से 19 जुलाई के बीच चरणबद्ध तरीके से मनरेगा के कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मजदूरी राज्य सरकार के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यस्थलों पर पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला परिषद द्वारा सभी ग्राम पंचायतों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि करीब 200 आवेदन जिला परिषद में जमा हुए हैं, जिन्हें संबंधित ग्राम पंचायतों में भेजकर पुनः सर्वे कराया जाएगा ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
इससे पूर्व आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए यूनियन के राष्ट्रीय नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि हनुमानगढ़ जिले में मनरेगा के लगभग 2 लाख 10 हजार सक्रिय श्रमिक पंजीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 8,531 मजदूरों को ही रोजगार मिल रहा है। उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के जीवन का सबसे बड़ा सहारा है, लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण यह योजना प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 19 जुलाई तक सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य शुरू नहीं किए गए तो यूनियन पंचायतों और जिला प्रशासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन करेगी।
जिला सचिव प्रह्लाद बहलोलनगर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुंच रहा है। गरीब ग्रामीण रोजगार और आवास के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है, लेकिन यूनियन जरूरतमंद परिवारों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
यूनियन के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला अध्यक्ष मनीराम मेघवाल ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा कार्यों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान समय में जिले में सबसे कम कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और प्रशासन को इस स्थिति में तत्काल सुधार करना चाहिए।
जनवादी महिला समिति की जिला नेता चंद्रकला वर्मा ने कहा कि मनरेगा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के अवसर सीमित होने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं के नाम बदलने से रोजगार नहीं बढ़ता, बल्कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पर्याप्त रोजगार और पूरी मजदूरी मिले। उन्होंने मांग की कि महिलाओं सहित सभी श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सकें।
सभा के अंत में यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने तय समय सीमा में मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो जिलेभर में चरणबद्ध आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर सभा में महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष कमला मेघवाल, किशोरी, सरबजीत कौर, मेवाराम, सुरेंदर शर्मा, कृष्णलाल, पोखर राम , नेतराम, सुरेश जोडकिया, देवी लाल धोलीपाल, मुंशी राम, श्योपत राम हिरणवाली, यादराम, छगनलाल, प्रकाश, इमीलाल, हरनेक, मनीष, रमेश, नेतराम, राधा कृष्ण,ओम पूनिया, बीएस पेंटर, लेखराम, करमचंद ,मांगीलाल, सरोज, विमला, निर्मल कौर, श्रवण सिंह व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

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