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– अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों को 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगा लाभ

ऐलनाबाद , 12 जुलाई( रमेश भार्गव ) मत्स्य पालन विभाग द्वारा पंचायती तालाब और सरकारी जलाशयों को पट्टे पर लेने वाले पट्टेदारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। विभाग की तरफ से अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बंधित पट्टेदारों को पहले साल की लीज राशि पर तो सहायता दी ही जाती है, इसके अलावा दूसरे से पांचवें वर्ष की लीज़ राशि पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, ताकि मत्स्य पालक अपने व्यवसाय को जारी रखते हुए अपने कार्यक्षेत्र में और बेहतर आमदनी प्राप्त कर सके।
यह है अनिवार्य शर्त
योजना का लाभ लेने के लिए प्रार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा लाभार्थी हरियाणा राज्य का स्थाई निवासी व अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बन्धित होना चाहिए। लाभार्थी को पट्टा राशी पर अनुदान द्वितीय वर्ष से 5 वर्ष तक ही प्रदान किया जाएगा। प्रति लाभार्थी के हिसाब से अधिकतम चार हेक्टेयर तक ही अनुदान योजना का लाभ दिया जाएगा। आवेदक की आयु 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। प्रार्थी किसी भी सरकारी या अर्ध सरकारी संस्था में कार्यरत भी नहीं होना चाहिए। लाभार्थी को इस योजना के तहत 40 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर अथवा पट्टे की वास्तविक राशि का 40 प्रतिशत, जो भी कम हो अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान केवल पंचायती तालाबों व सरकारी जलाशयों पर ही प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा अधिसूचित जलक्षेत्र नदी नालों व नहरों की बोली उपरांत भी सफल बोलीदाता-पट्टेदार को अधिकतम पाँच लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
यह चाहिए आवश्यक दस्तावेज़
योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालक एवं विभाग के बीच हुए अनुबंध पत्र की प्रति प्रस्तुत करनी होगा.

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