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नॉर्मलाईजेशन से प्रभावित पशु परिचर अभ्यर्थियों का जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन, निष्पक्ष परिणाम की माँ


हनुमानगढ़।
 राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा आयोजित पशु परिचर भर्ती परीक्षा 2023 के परिणाम में नॉर्मलाईजेशन पद्धति से हुई विसंगति को लेकर बुधवार को अभ्यर्थियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व प्रदर्शनकारियों ने जंक्शन के अंबेडकर चौक से जिला कलेक्टरेट तक रोष मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने भाग लिया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन बोर्ड द्वारा नॉर्मलाईजेशन फॉर्मूले के तहत तैयार किए गए परिणाम ने मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया है। ज्ञापन सौंपते हुए छात्र नेता महेन्द्र शर्मा ने बताया कि यह परीक्षा 1, 2 और 3 दिसंबर 2023 को छह पारियों में आयोजित की गई थी। बोर्ड ने 3 अप्रैल 2025 को परिणाम जारी किया, जिसमें नॉर्मलाईजेशन के कारण कुछ पारियों के अभ्यर्थियों को अनावश्यक लाभ मिला, जबकि अन्य पारियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राएं बाहर हो गए।
महेन्द्र शर्मा ने कहा कि खासकर तीसरी और छठी पारी के अभ्यर्थियों को अत्यधिक लाभ मिला, जिससे कम अंक लाने वाले अभ्यर्थी चयनित हो गए, जबकि अधिक अंक लाने वाले छात्र चयन सूची से बाहर हो गए। यह मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय है और परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
चाणक्य क्लासेज के निदेशक शिक्षाविद् राज तिवाड़ी ने कहा कि जो विद्यार्थी दिन-रात मेहनत करता है, वह यदि नॉर्मलाईजेशन की गलत प्रक्रिया के कारण बाहर कर दिया जाता है, तो यह पूरी शिक्षा प्रणाली के लिए घातक है। उन्होंने सरकार से बिना नॉर्मलाईजेशन के निष्पक्ष रूप से पुनः परिणाम जारी करने की मांग की।
वहीं, जगदीश कुमार ने बताया कि छठी पारी के अभ्यर्थियों के अंक 31 तक बढ़ा दिए गए, जबकि चौथी पारी के अभ्यर्थियों के 15 अंक तक कम कर दिए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि नॉर्मलाईजेशन की प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण और अनुचित रही है।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य मांगों में बिना नॉर्मलाईजेशन के परिणाम दोबारा जारी किए जाएं, परिणाम के साथ स्पष्ट रूप से कट-ऑफ सूची भी सार्वजनिक की जाए, भविष्य में ऐसी परीक्षाएं एक या अधिकतम दो पारियों में ही आयोजित की जाएं ताकि पारियों के बीच कठिनाई स्तर का अंतर न हो और नॉर्मलाईजेशन जैसी प्रक्रिया की आवश्यकता ही न पड़े।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इस विषय पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया।
इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र कुमार शर्मा, राज तिवाड़ी, जगदीश परिहार, संदीप सिंह राठौड़, राकेश भाट विजय कुमार विनोद भाट दिव्या  अनेक कुमारी सुरेश मनोज राजेश, सुनील चाहर सहित सहित छात्र मौजूद थे।

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