मुख्य जनप्रतिनिधियों की बैठक बुला नियमानुसार जनता के हित में हो संशोधन
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

हनुमानगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी ने पंचायत समितियों के पुनर्गठन को लेकर प्राप्त हो रही आपत्तियों के निस्तारण के लिए जिले के मुख्य जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उनसे विचार-विमर्श व सुझाव लेकर नियमानुसार जनता के हित में संशोधन करवाने की मांग की है। इस संबंध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के प्रमुख जनप्रतिनिधियों की ओर से जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। डीसीसी अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार पंचायत समिति हनुमानगढ़ का पुनर्गठन कर पंचायत समिति हनुमानगढ़ टाउन व जंक्शन दो पंचायत समितियां प्रस्तावित की गई हैं। दो पंचायत समितियों में पंचायतों की संख्या बराबर रखने के चक्कर में ग्राम पंचायत श्रीनगर एवं 31 एसएसडब्ल्यू को नवगठित पंचायत समिति हनुमानगढ़ जंक्शन में शामिल कर दिया गया है। जबकि घग्घर नदी की उत्तर दिशा की पंचायत समिति हनुमानगढ़ जंक्शन बनती है व घग्घर नदी की दक्षिण दिशा की पंचायत हनुमानगढ़ टाउन बनती है। इससे पंचायत समिति हनुमानगढ़ टाउन में ग्राम पंचायतों की संख्या 29 व पंचायत समिति हनुमानगढ़ जंक्शन में ग्राम पंचायतों की संख्या 25 हो जाएगी। पीलीबंगा पंचायत समिति में भी नवगठित पंचायत समिति गोलूवाला में केवल 18 ग्राम पंचायतों से ही नई पंचायत समिति बना दी गई है तो श्रीनगर व 31 एसएसडब्ल्यू को हनुमानगढ़ टाउन पंचायत समिति में शामिल करने के बाद भी इस नवगठित हनुमानगढ़ जंक्शन पंचायत समिति में 25 ग्राम पंचायतें रह जाएंगी। दूरी के हिसाब से भी पंचायत समिति हनुमानगढ़ टाउन से ग्राम पंचायत श्रीनगर केवल 7 किमी व ग्राम पंचायत 31 एसएसडब्ल्यू केवल 12 किमी की दूरी पर स्थित है, जबकि नवगठित पंचायत समिति हनुमानगढ़ जंक्शन से इन दोनों ग्राम पंचायतों की दूरी करीब 15 किमी व 22 किमी पड़ेगी। साथ ही इनको हनुमानगढ़ टाउन से होकर ही गुजरना पड़ेगा। जिला प्रमुख कविता मेघवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत श्रीनगर व 31 एसएसडब्ल्यू को नवगठित पंचायत समिति हनुमानगढ़ जंक्शन में शामिल करने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसी तरह ग्राम पंचायत पक्कासारणा से एक नई पंचायत चक 24 एलएलडब्ल्यू बी को नई ग्राम पंचायत प्रस्तावित किया गया है। ग्राम पंचायत पक्कासारणा एक ही गांव है जिसमें 24 एलएलडब्ल्यू चक को दो चकों में विभाजित कर चक ए व बी बना दिए गए हैं। मूल गांव का नाम पक्कासारणा था अब ग्राम पंचायत का पुनर्गठन प्रस्तावित किया गया है। जिसे ग्राम पंचायत पक्कासारणा ए व ग्राम पंचायत पक्कासारणा बी नाम रखा जाए ताकि ग्राम पंचायत के नाम व चकों के नाम में विभाजन दर्शाता है। साथ में ग्राम पंचायत में जितनी संस्थाएं हैं उनका नाम भी परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा। केवल ग्राम पंचायत पक्कासारणा को ही ए व बी नाम से दर्शाना पड़ेगा। पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़ ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में पंचायत राज व स्थानीय निकायों के पुनर्गठन व परिसीमन के प्रकाशन के बाद जगह-जगह आम जनता व जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है क्योंकि कर्मचारियों की ओर से जन प्रतिनिधियों व जनता के सुझाव के बिना मनमाने तरीके से पुनर्गठन व परिसीमन किया गया है। पुनर्गठन व परिसीमन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए जनता के हित में होना चाहिए न कि किसी के व्यक्तिगत या राजनैतिक लाभ के लिए। कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि भौगौलिक स्थिति व ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत श्रीनगर व 31 एसएसडब्ल्यू को पंचायत समिति हनुमानगढ़ टाउन में रखा जाए। ग्राम पंचायत पक्कासारणा से दो पंचायतों के नाम ग्राम पंचायत पक्कासारणा ए व ग्राम पंचायत पक्कासारणा बी रखने का आदेश दिया जाए। साथ ही जिले के मुख्य जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उनसे विचार-विमर्श व सुझाव लेकर जहां भी नियमानुसार जनता के हित में संशोधन आवश्यक हो, वहां संशोधन किया जाए। इसके अलावा कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन के जरिए जिला कलक्टर से मांग की कि हनुमानगढ़ टाउन से भद्रकाली मन्दिर तक जाने वाली 82 फीट चौड़ी 6 किमी लम्बी सड़क के बाद बची 16 फीट चौड़ी 500 मीटर लम्बी मन्दिर तक पहुंचने वाली सड़क को 16 फीट की बजाए 30 फीट किया जाए। साथ ही विकलांग श्रद्धालुओं के लिए माताजी के दर्शनों की व्यवस्था की जाए।
समय पर हो गेहूं का तुलाव-उठाव
जिला कांग्रेस कमेटी के जनप्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में गेहूं का तुलाव व उठाव समय पर करने सहित किसानों से जुड़ी अन्य मांगें भी रखीं। पीसीसी सचिव मनीष मक्कासर ने कहा कि जिले की धान मंडियों में जहां समर्थन मूल्य पर गेहूं व सरसों की खरीद बहुत ही धीमी गति से हो रही है, वहीं गेहूं का उठाव व तुलाव समय पर नहीं होने व अव्यवस्थाओं के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस अनुपात में गेहूं बाजार में आ रही है, उस अनुपात में बारदाना की आपूर्ति उतनी मात्रा में नहीं हो पा रही। सरसों की खरीद गत 10 अप्रैल से प्रारंभ की गई थी और हनुमानगढ़ में केवल 50 टोकन ही जारी किए जा रहे हैं। अगर इस गति से सरसों की खरीद होती रही तो अप्रैल माह में भी किसानों की सरसों की तुलाई नहीं हो पाएगी। जिस गति से सरसों की खरीद हो रही है, किसान बाजार में 400 से 500 रुपए कम दर पर सरसों बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन के जरिए सरसों की खरीद के टोकन की संख्या बढ़ाने व गेहूं की तुलाई की समुचित व्यवस्था करवाते हुए बारदाना की पूरी व्यवस्था समय रहते करवाने, जलजीवन के मिशन पर अपने स्तर पर नियमित निगरानी करने, बिजली-पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए लगातार निगरानी रखने की व्यवस्था करवाने, जिला मुख्यालय पर धीमी गति से चल रहे सीवरेज के कार्य को शीघ्र पूर्ण कर तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत करवाने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को देने व जिला अस्पताल में घुटने प्रत्यारोपण तुरंत शुरू करवाने की मांग की। इस मौके पर डीसीसी महामंत्री संगठन गुरमीत चंदड़ा, डीसीसी प्रवक्ता अश्विनी पारीक व नवनीत संधू प्रशासक, ब्लॉक कांग्रेस देहात अध्यक्ष संदीप सिंह सिद्धू, प्रशासक गुरप्रीत मान सहित कई अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।



