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विभाग के कर्मचारी ने अपने निजी रिष्तेदार को बैनर प्रीन्टीग के टैन्डर दे 5 से 8 वर्ष से खले रहे है बडा खेल

सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग हनुमानगढ़ द्वारा विभाग के कार्मिक को बचाते हुए उक्त सूचना को श्रम साध्य बताया

 

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हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी लक्ष्मीनारायण स्वामी ने कार्यालय सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग हनुमानगढ़ से सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत 7 जुन 2025 कोऑनलाइन आवेदन कर किया
1 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत हनुमानगढ़ की निजी फॉर्म के द्वारा फ्लेक्स बैनर प्रिंटिंग के कार्य के लिए वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक कार्यालय सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग द्वारा चयनित संस्था के अनुबंध पत्र व दिए गए कार्य आदेश की प्रामाणित प्रतिलिपि चाहि ।
2 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत फ्लेक्स बैनर प्रिंटिंग के कार्य के लिए वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक कार्यालय सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निकाले गए टेंडर की प्रमाणित प्रतिलिपि चाहिए ।
3 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत फ्लेक्स बैनर प्रिंटिंग के कार्य के लिए वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक कार्यालय सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग हनुमानगढ़ द्वारा टेंडर हेतु चलाई गई पत्रावली को उपापम समिति के सदस्यों की सूची व माननीय जिला कलेक्टर के अनुमोदन की प्रमाणित प्रतिलिपि चाहि।
सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग हनुमानगढ़ द्वारा विभाग के कार्मिक को बचाते हुए उक्त सूचना को श्रम साध्य बात कर विभाग के कार्मिक को बचाने का प्रयास किया है विभाग के कार्मिक द्वारा बैनर प्रिंटिंग का टेंडर अपने निजी रिश्तेदार को दिया गया है जबकि राजस्थान सिविल सेवायें ;आचरण नियम (01. Notification No. F. 4(3)Apptt. (A-III)/65 dated 4-8-1972 w.e.f. 18-8-1972) के तहत[5d-संविदा आदि की मंजूरीः कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में किसी ऐसे मामले में व्यवहार नहीं करेगा या किसी भी कम्पनी या फर्म या किसी भी अन्य व्यक्ति से कोई संविदाए पट्टा आवंटन पत्र या प्राधिकार नहीं देगा या मंजूर नहीं करेगाए यदि उसके कुटुम्ब का कोई सदस्य उस कम्पनी या फर्म में या उस व्यक्ति के अधीन नियोजित है या यदि वह या उसके कुटुम्ब का कोई सदस्य ऐसे मामले में किसी भी अन्य रीति से हितबद्ध है। सरकारी कर्मचारी प्रत्येक ऐसे मामले को अपने वरिष्ठ पदधारी को निर्दिष्ट करेगा और इसके पश्चात् मामले या संविदा का निपटारा ऐसे प्राधिकारी के अनुदेशों के अनुसार किया जायेगा जिसको निर्देश किया जाता है।

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