Flash Story
विकसित भारत-जन सेवा अभियान : राष्ट्रीय स्वेच्छिक रक्तदान दिवस पर आमजन ने किया रक्तदान
वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
एफआईआर 185/2026 में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, महिला थाना अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हनुमानगढ़ में पुलिस द्वारा मैराथन दौड़ का आयोजन
आंगन मिलन सेवा से सजा अपनत्व का आंगन, स्वास्थ्य और पोषण का दिया संदेश
लायंस क्लब रॉयल्स के शिविर में 27 यूनिट रक्त संग्रहित
बीकानेर संभाग टोली की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, संगठन विस्तार व नशा मुक्त समाज निर्माण पर मंथन
पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत NDPS एक्ट का वांछित आरोपी गिरफ्तार
वार्ड 10 में चोरी की घटनाओं से वार्डवासी परेशान, थाने पहुंचे वार्डवासी

आशु ने राष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक

navratanbharat.com

      राजस्थान व हनुमानगढ़ का बढ़ाया मान, खिलाड़ियों में उत्साह की लहर
हनुमानगढ़।  जिले के होनहार खिलाड़ी आशु ने हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित 24वीं जूनियर राष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस उपलब्धि ने न केवल राजस्थान बल्कि हनुमानगढ़ जिले को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता 1 जुलाई से 6 जुलाई तक भारतीय वुशू संघ के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया।
आशु ने 48 किलो भार वर्ग में राजस्थान की ओर से भाग लेते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। कोच शंकर सिंह नरूका ने बताया कि आशु की मेहनत, लगन और अनुशासन का यह परिणाम है। उनकी इस जीत ने जिले की खेल प्रतिभाओं की ताकत को राष्ट्रीय मंच पर प्रमाणित किया है।
आशु की इस अद्वितीय उपलब्धि पर राजस्थान वुशू संघ के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया, भारतीय टीम के कोच राजेश कुमार टेलर, जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह, हनुमानगढ़ वुशू संघ अध्यक्ष देवेंद्र अग्रवाल और स्पोर्ट्स क्लब अध्यक्ष शिवशंकर खडगावत ने उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हनुमानगढ़ स्पोर्ट्स क्लब के संस्थापक हेमंत गोयल ने कहा कि “यह उपलब्धि सिर्फ आशु की नहीं है, बल्कि यह पूरे जिले की विजय है। यह पदक आने वाली युवा पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनेगा और जिले में खेल संस्कृति को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।” यह उपलब्धि जिले के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी। आशु की सफलता से साबित होता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि संकल्प और समर्पण हो तो किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है। कोच शंकर सिंह नरुका ने बताया कि सामाजिक और मानसिक विकास के दृष्टिकोण से भी यह सफलता अत्यंत प्रेरणादायक है। आशु की यह स्वर्णिम सफलता निश्चित रूप से हनुमानगढ़ के युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने में सहायक सिद्ध होगी।

Back To Top