भारी बारिश से भट्टा कॉलोनी के मकान गिरे, माकपा का जिला कलेक्टरेट पर धरना प्रदर्शन

– सोमवार तक मुआवजा नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन, माकपा ने दी चेतावनी
हनुमानगढ़। पिछले दिनों हुई भारी बारिश से हुए व्यापक नुकसान के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) हनुमानगढ़ ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन व धरना दिया। पार्टी ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक सर्वे पूर्ण कर राहत नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वार्ड नं. 12 भट्टा कॉलोनी निवासी करीब 30 परिवारों के मकान हालिया बारिश में धराशायी हो गए, जिनमें घरेलू सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गया। लोगों ने बताया कि वे अब सड़कों पर रहने को मजबूर हैं और परिवारों सहित खुले में जीवन यापन कर रहे हैं। प्रभावितों का आरोप है कि नगरपरिषद ने अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है, जबकि पटवारी द्वारा पूर्व में किया गया सर्वे भी अब नकारा जा रहा है। ऐसे में पीड़ितों को जिला प्रशासन से ही अंतिम उम्मीद बची है।

इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर (एडीएम) ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि आज ही सर्वे करवाकर रिपोर्ट भेजी जाएगी और नियमानुसार हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। एडीएम के आश्वासन के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि राहत कार्यों में विलंब किया गया तो सोमवार को लाल चौक पर नगरपरिषद के सभी 60 वार्डों के प्रभावितों को एकत्रित कर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
माकपा नेता शेर सिंह शाक्य ने कहा कि यह केवल भट्टा कॉलोनी की ही नहीं, बल्कि पूरे नगर की समस्या है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, जब तक ठोस कार्यवाही नहीं होती, पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
प्रदर्शन में कामरेड रामेश्वर वर्मा, कामरेड बलदेव सिंह मक्कासर, कामरेड चंद्रकला वर्मा, कामरेड सरबजीत कौर, कामरेड वेद मक्कासर, कामरेड वारिस अली, कामरेड रीछपाल राठौड़, कामरेड मुकद्दर अली, कामरेड वाली शेर, कामरेड सोनू सिंह, कामरेड मांगी राम धनराज, कामरेड के के सिंह, कामरेड दारा सिंह सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से तत्काल मुआवजा राशि देने, स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने व नगरपरिषद पर कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक पीड़ितों को राहत नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



